आतंकी जेल में और प्रहरी वीवीआईपी ड्यूटी पर

-160 सुरक्षाकर्मियों में से 80 सीएम, मंत्री और अफसर के घर थे तैनात
भोपाल, 4 नवम्बर। जेल से सिमी के 8 आतंकवादियों के भागने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। 30 अक्टूबर के दिन जेल की सुरक्षा में तैनात 160 जेल प्रहरियों में से 80 जेल प्रहरी जेल के बाहर थे। ये लोग मुख्यमंत्री, जेल मंत्री, पूर्व जेल मंत्री और मुख्य सचिव समेत तमाम रसूखदार लोगों के यहां काम कर रहे थे।
जेल प्रहरियों की पूरी लिस्ट देखने पर पता चलता है कि जेल से बाहर तैनात 80 प्रहरियों में से 20 जेल मुख्यालय, 10 प्रमुख सचिव जेल, 4 जेल मंत्री, 4 पूर्व जेल मंत्री और 4 की तैनाती जेल अधीक्षक के घर थी, जबकि इन्हें जेल में ड्यूटी करनी चाहिए थी। अगर ये लोग जेल में ड्यूटी कर रहे होते तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। विपक्ष ने इस घटना के लिए मध्य प्रदेश सरकार और जेल प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार करार दिया है।
एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच
वहीं भोपाल एनकाउंटर में सीआईडी पहले से ही इस पूरे मामले की जांच कर रही है, लेकिन अब सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश भी दे दिए हैं। जेल ब्रेक और एनकाउंटर की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज एस के पांडे करेंगे।
क्या था मामला
बता दें कि रविवार यानी 30 अक्टूबर की रात को भोपाल जेल से प्रतिबंधित संगठन सिमी के आठ आतंकी कांस्टेबल की हत्या करके फरार हो गए थे, लेकिन दस घंटे बाद ही वो भोपाल के गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थे।
एनकाउंटर में वायरलेस बातचीत का ऑडियो टेप लीक
एनकाउंटर के बाद लगातार सामने आ रहे वीडियो के बाद अब ताजा ऑडियो टेप सामने आया है। इसमें वो बातचीत है जो एनकाउंटर के दौरान पुलिस वालों के बीच वायरलेस सेट से हुई थी। इस बातचीत से साफ है कि एनकाउंटर पूर्व नियोजित नहीं था। आतंकियों को बाकायदा घेरा गया और फिर उनपर फायरिंग हुई। इस बीच आतंकियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टर का कहना है कि आतंकियों को 25 से 30 गोलियां लगी थीं।

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