अभय कमाण्ड की जद में होगा चित्तौड़ शहर

अभय कमाण्ड की जद में होगा चित्तौड़ शहर

-दो माह में लगेंगे करीब 500 कैमरे

विवेक वैष्णव

चित्तौडग़ढ़ । शहर में गश्त प्रणाली पर निगरानी के साथ ही अवांछित गतिविधियों एवं असामाजिक तत्वों पर निगरानी के लिए आगामी दो माह में ही पूरा शहर अभय कमाण्ड की निगरानी में आ जायेगा। राजस्थान सरकार की ओर से निगरानी की एक निर्बाध पहल के तहत राज्य में गत दिनों अभय कमाण्ड परियोजना प्रारंभ की गई थी। योजना को मूर्त रूप देने के लिए चित्तौडग़ढ़ शहर में भी कार्य प्रारंभ हो गया है तथा विगत दो दिनों से स्थान चिन्हित करने का कार्य किया जा रहा है।

500 कैमरे लगाने प्रस्तावित हंै
अभय कमाण्ड एवं कंट्रोल सेन्टर परियोजना के तहत प्रत्येक जिला मुख्यालय पर 400 कैमरे लगाना प्रस्तावित है। विश्व विरासत एवं पर्यटन केन्द्र होने के कारण चित्तौडग़ढ़ जिला मुख्यालय पर 500 कैमरे लगाने प्रस्तावित है। अतिरिक्त सौ कैमरे अन्य उन जिला मुख्यालय से जहां कैमरे की जरूरत कम है वहां से किये जायेंगे। शहर में सभी गतिविधियों को लगातार ट्रैक करने के लिए शहर के प्रमुख विभिन्न स्थान पर 500 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए थे। इन सीसीटीवी कैमरों में 400 मीटर की जूम जूम करने की क्षमता होगी। इन कैमरों द्वारा दर्ज आंकड़ों को 3 साल तक बनाए रखा जा सकता है। कैमरे में फेस रीडर सॉफ्टवेयर और नाइट विजन सुविधा भी है। ये आपराधिक का ट्रैक स्थान रख सकते हैं।

चार प्रकार के लगेंगे कैमरे
अभय कमाण्ड एवं कन्ट्रोल सेन्टर परियोजना के तहत शहर में चार तहर के कैमरे लगाये जायेंगे। शहर की प्रमुख छोटी गलियों में बुलैट कैमरे लगाए जाएंगे। वाईड एंगल के लिए बॉक्स कैमरे लगाएं जाएंगे। प्रमुख चौराहों पर जूमिंग के लिए 4 के कैमरे लगाए जाएंगे। उपरोक्त सभी विषेशतायें से युक्त एक अन्य प्रकार का कैमरा पीटीजेड भी इस परियोजना के तहत शहर में लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता से अविश्वसनीय पहल
मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत राजस्थान राज्य जल्द ही इस तरह के पुलिस केंद्रों की एक श्रेणी का साक्षी होगा जो स्मार्ट और तकनीकी तौर पर संचालित हैं। यह अविश्वसनीय पहल के परिणामस्वरूप राजस्थान के अपराध दर में भारी गिरावट आएगी। आश्चर्य नहीं कि यदि राज्य राजस्थान में कम से कम अपराध प्रभावित राज्यों की प्रगति करता है। इसे राजस्थान में एक सुरक्षित और सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए यह एक प्रमुख कदम माना जा सकता है। अभय का मतलब है ‘निर्भयÓ और इस तरह अभय कमाण्ड सेन्टर पहला और अपने आप में खास तरह के कंट्रोल सेंटर है। अभय कमांड एक डिवीजनल कमांड और कंट्रोल सेंटर है। यह स्वचालित रूप से वाहनों का पता लगाएगा जो कि सही अपराधियों को पकडऩे के लिए समय कम कर देगा।

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