7 घंटे में 1400 साल पुराना ट्रिपल तलाक समाप्त

7 घंटे में 1400 साल पुराना ट्रिपल तलाक समाप्त

सोर्स विभिन्न टीवी चैनल्स व संचार माध्यम
देश की लोकसभा में गुरुवार को ऐतिहासिक बिल पास हुआ। सात घण्टे की बहस के बाद चौदह सौ साल पुरानी तीन तलाक की प्रथा समाप्त हो गई।

तलाक-ए-बिद्दत के खिलाफ बिल लोकसभा में 7 घंटे के भीतर बिल पास हो गया। गुरुवार को 12.33 बजे बिल लोकसभा में पेश हुआ और 7.34 पर पारित हो गया। इस दौरान कई संशोधन पेश किए गए, लेकिन सब खारिज हो गए। इनमें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भी तीन संधोधन थे, लेकिन ये भी खारिज हो गए। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने फाइनल जवाब में कहा, ये बिल धर्म, विश्वास और पूजा का मसला नहीं है, बल्कि जेंडर जस्टिस और जेंडर इक्वालिटी से जुड़ा मसला है। अगर देश की मुस्लिम महिलाओं के हित में खड़ा होना अपराध है तो हम ये अपराध 10 बार करेंगे। कांग्रेस ने बिल को सपोर्ट तो किया, लेकिन ये भी कहा कि इसमें खामिया हैं, जिन्हें दूर करने के लिए इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए। बिल गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

ओवैसी के तीन संशोधन वोटिंग में खारिज

असदुद्दीन ओवैसी ने बिल में 3 संशोधन रखे। पहले दोनों संशोधन ध्वनिमत फिर वोटिंग के वक्त खारिज हो गए। दोनों संशोधन के पक्ष में उन्हें सिर्फ दो-दो वोट मिले। इसके बाद तीसरे संशोधन में ओवैसी को केवल 1 वोट मिला। लोकसभा में बिल पास होने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, इससे मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ नहीं मिलेगा। ये बिल शादियों को तोडऩे के लिए है। इस बिल के जरिए मुसलमानों को टारगेट किया जाएगा।

रवि शंकर प्रसाद उवाच:
हमने बहुत छोटा सा बिल बनाया है। इसमें तलाक-ए-बिद्दत को गैरकानूनी बताया गया है। अगर आप ट्रिपल तलाक कहेंगे तो आप जेल जाएंगे। आपको अपनी पत्नी और बच्चों को मुआवजा देना होगा। आपकी पत्नी को नाबालिग बच्चों की कस्टडी मांगने का हक होगा। आरोपी को पुलिस से बेल नहीं मिलेगी, वो कोर्ट में मजिस्ट्रेट के पास बेल के लिए अप्लाई कर सकता है। मजिस्ट्रेट के पास वो पावर है कि वो हैसियत और इनकम देखकर मामले पर विचार करेगा।

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