‘उड़ान के तहत ‘आभार नवाचार

'उड़ान के तहत 'आभार नवाचार

चित्तौडग़ढ़(विवेक)। केवल मुस्लिम ही नहीं वरन् हर वर्ग की लड़कियों के लिए षिक्षा हासिल करना बेहद जरूरी है। जीवन में खुषी एवं सम्मान प्राप्त करने की बुनियाद पढ़ाई पर ही खड़ी की जा सकती हैं। बालिकाओं को अध्ययन के लिए ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मिलें ताकि वें पढ़-लिखकर खुद एवं समाज की बेहतरी का काम प्रभावी ढंग से कर सकें। जिला कलक्टर से मुलाकात के लिए मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि मण्डल में आई युवतियों उरूसा अजहर गौरी, साना फातमा अशरफी एवं अषमा खानम ने जिस आत्मविष्वास एवं धारदार अंदाज में बालिका शिक्षा को जरूरी बताया उसे सुनकर सभी को जिले में शिक्षा की बदलती बयार का अंदाजा हो गया।

‘उड़ानÓ अभियान में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने एवं उन्हें सकारात्मक माहौल देने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले समूह को धन्यवाद देने के लिए ‘आभारÓ नवाचार के तहत चित्तौडग़ढ़ के मुस्लिम समाज के अनेक महत्वपूर्ण प्रतिनिधियों ने जिला कलक्टर इन्द्रजीत सिंह से बातचीत करते हुए बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाए गये कदमों की जानकारी दी। समाज ने इस मौके पर 1.34 लाख का चैक विभिन्न मदरसों के विकास के लिए भी सौंपा। ‘उड़ानÓ के लिए दरगाह कमेटी काजी चल फिर शाह, अंजुमन मिल्लते ईस्लामिया, शाहिद हुसैन लुहार ने 21-21 हजार, मोहम्मद सलीम अशरफी, अकिल हुसैन, दरगाह गेबी पीर, वक्फ कमेटी मुसाफिर खाना ने 11-11 हजार रुपये, मोहम्मद अली छीपा ने 10 हजार तथा पेन्टर मुस्तफा इब्राहिम ने 51 सौ, हाजी अब्दुल हाफिज, अब्दुल रशीद सावा ने 5-5 हजार तथा हाजी मोहम्मद सादिक नीलगर ने 21 सौ रुपये की राशि भेंट की। जिला कलक्टर से बातचीत करते हुए गरीब नवाज मुसाफिर खाना के सचिव मोहम्मद ईस्माईल ने कहा कि समाज के युवा कुरान एवं अरबी साहित्य के साथ-साथ विज्ञान, गणित जैसे आधुनिक विषयों में भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिम्मेदार लोग समाज के वंचित तबकों को प्रेरित कर उनकी बालिकाओं को पढऩे के लिए बुला रहे हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लियाकत अली सोरगर ने बताया कि विभिन्न दानदाताओं से प्राप्त 1.34 लाख की राशि कन्नौज, अंजुमन पब्लिक, मदरसा चिश्तिया एवं मदरसा सिपाही मोहल्ला चित्तौडग़ढ़, नन्दवई, कनेरा, राशमी की मदरसों के शैक्षिक एवं भौतिक उन्नयन के लिए ”उड़ानÓÓ अभियान से प्रभावित होकर जिला कलक्टर के माध्यम से संबंधित मदरसों को दी जा रही हैं।

जिला कलक्टर ने बातचीत करते हुए कहा कि औपचारिक मौकों से हटकर आज हम बालिका शिक्षा को उन्नत कर सुखद भविष्य के निर्माण की बात कर रहे हैं, यह सुकून देने वाला है। आज बेटियों ने जिस प्रभावी ढंग से अपनी बात रखी है, उससे लड़कियों की षिक्षा के बारे में बनी हुई परम्परागत अवधारणा ध्वस्त हो रही है। लड़कियों का चित्तौड़ से चलकर जयपुर के महारानी कॉलेज में पढऩे जाना अत्यन्त आश्वस्त करने वाला है। उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न 33 मदरसों एवं उनमें पढ़ रहे 3 हजार विद्यार्थिंयों के लिए हर संभव सहयोग एवं जुड़ाव का आष्वासन देते हुए मदरसों को देखने की इच्छा व्यक्त की।

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