उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को भी विश्वास है जनता की अदालत का

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को भी विश्वास है जनता की अदालत का

चित्तौडग़ढ़। वरिष्ठ नागरिक मंच की संगोष्ठी रविवार षाम को सामुदायिक भवन शास्त्रीनगर में राजस्थान उच्च न्यायालय के सेवा निवृत न्यायाधीश जस्टिस सी.एम तोतला के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुई। संगोष्ठी में कई समसामयिक विषयों पर चर्चा कर निर्णय लिये गये।

संगोश्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश जस्टिस सी.एम तोतला नेे कहा कि वरिष्ठ नागरिक मंच के विद्वान एव दीर्घकालीन अनुभव प्राप्त सदस्यगण राष्ट्रीय स्तर के किसी भी महत्वपूर्ण सामयिक महत्व के विषयों पर वैचारिक मंथन कर निष्कर्ष निकाल कर अपने सुझाव सरकार व जनता के बीच प्रस्तुत करने में सक्षम है। तोतला ने उपभोक्ता वस्तुओं में विदेशी खुदरा निवेश पर तथा उच्चतम न्यायालय के चार न्यायाधीशों द्वारा प्रेस कान्फ्रेंस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज कम पढ़ा लिखा युवा वृद्ध, महिला भी उपभोक्ता वस्तुओं की छोटी सी दुकान ग्राम कस्बे शहर के किसी भी गली मोहल्ले कोने में लगाकर जहां उपभोक्ता की रोजमर्रा की आवश्यकता की पूर्ति कर स्वरोजगार द्वारा अपना जीवन यापन कर रहा है। ऐसे में एफडीआई का सामना करने मे असक्षम होने के कारण उसको एफडीआइ के किसी स्टोर पर नौकरी ढूंढनी पड़ेगी जिसमें उसकी कम शिक्षा अनुभव आयु स्वास्थ्य जैसी कई चीजे बाधक सिद्ध होगी। तोतला सहित कई वरिष्ठो ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशो द्वारा प्रेस कान्फ्रेंस करने को देश की प्रथम घटना बताते हुए जनता की अदालत को सबसे बड़ी अदालत बताई जिस पर उच्चतम न्यायलय के न्यायाधीशो ने भी विश्वास व्यक्त किया है।

 

महासचिव आर.सी. डाड ने कहा कि सरकारी आंकडो के अनुसार कई मुकदमें व एफआइआर न्यायालय के अन्तिम निर्णय होने पर असत्य व झूंठे पाए जाते हैं लेकिन जमानत होने एवं अन्तिम फैसला आने तक तथाकथित अपराधी द्वारा जेल में काटी गई अवधि तथा मानसिक वेदना एवं मीडिया व समाज में उसकी धूमिल हुई छवि की क्षतिपूर्ति का स्वत: साध्य कोई विकल्प नहीं होने से सीधे व निर्दोष व्यक्तियों को भी पुलिस व कोर्ट कचहरियों तथा अनावष्यक शोषण से डरकर दुर भागना पड़ता है जिसका सर्व मान्य कानूनन हल निकाला जाना चाहिये। जस्टिस तोतला ने ऐसे झूठे मुकदमें करने वालो पर प्रतिवादी द्वारा कानूनी कार्रवाई करने हेतु पुन: न्यायालय व पुलिस में जाने का विकल्प बताया जिसमे काफी समय व धन की बरबादी की सम्भावना को नहीं टाला जा सकता। अमरकंठ उपाध्याय ने कहा कि अगर राजनेता लाल बहादुर शास्त्री के तथा युवागण स्वामी विवेकानन्द के सि़द्धान्तों पर चले तो हमारा देश पुन: सोने की चिडिय़ा होकर विश्व की शीर्षस्थ देश बनकर सभी का मार्गदर्शन कर सकता है। डा.आर.एस. मंत्री ने कहा कि ‘जिन्दगी एक किराये के घर के समान है जिसे एक न एक दिन खाली करना ही पड़ेगा ‘वाले सिद्धान्तों पर चलने के सभी बुराइंयों से उपर उठा जा सकता है। बसन्तीलाल जैन ने अपनी आत्मा को दूसरे की आत्मा के समान समझने में आनन्द प्राप्ति के गुर बताये वहीं एडवोकेट के.एल.पोखरना द्वारा सिद्ध विनायक मानव धर्म क्लब द्वारा पूरे विश्व को ऊपर उठाने की योजना बताई।

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