सिस्टम से हारा किन्नर गंगा, कोर्ट के आदेश पर भी नहीं मिली नौकरी, सरकार को नोटिस

सिस्टम से हारा किन्नर गंगा, कोर्ट के आदेश पर भी नहीं मिली नौकरी, सरकार को नोटिस

जयपुर। राजस्थान पुलिस की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पास करने वाली पहली किन्नर गंगा कुमारी सिस्टम से हार गई। उसे कोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस की नौकरी नहीं मिल पाई है। गंगा की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को गृह विभाग के सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पुलिस अधीक्षक (जालोर) को अवमानना नोटिस जारी किए हैं। गंगा ने अपनी याचिका में कहा है कि कोर्ट के आदेश के बाद भी उसे अभी तक पोस्टिंग नहीं दी गई है और यह कोर्ट के पूर्व आदेशों की अवमानना है।

बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से 13 नबंबर 2017 को गंगा कुमारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रदेश में किन्नरों के लिए सरकारी नौकरियों के दरवाजे खोल दिए थे। जालोर जिले की किन्नर गंगा कुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राजस्थान पुलिस विभाग को उसे नियुक्ति देने का फैसला सुनाया था। इस फैसले में हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता की अदालत ने गंगा को छह सप्ताह में नियुक्ति देने एवं साल 2015 से ही नेशनल बेनिफिट देने के आदेश दिए हैं। वर्ष 2013 में 12 हजार पदों के लिए कांस्टेबल भर्ती परीक्षा हुई थी। परीक्षा में प्रदेश के सभी जिलों में 1.25 लाख अभ्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। इसमें से पुलिस ने 11400 अभ्यार्थियों का कांस्टेबल पद के लिए चयन कर लिया था। इसमें रानीवाड़ा थाना इलाके जालौर में रहने वाली गंगाकुमारी पुत्री बीकाराम का भी चयन हुआ था।

गंगा पुलिस कांस्टेबल के पद के पात्र होने के बावजूद जालौर पुलिस अधीक्षक द्वारा अभी तक नियुक्ति नहीं दी गई। कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में चयनित किन्नर की नियुक्ति को लेकर पुलिस गृह विभाग के आला अधिकारी कोर्ट के आदेश से पहले पशोपेश में थे। पिछले तीन साल से गृह विभाग पुलिस के अधिकारी किन्नर की नियुक्ति को लेकर निर्णय नहीं कर पा रहे थे। लम्बे समय तक मामले की फाइल गृह विभाग में पड़ी हुई थी। इसके बाद हाईकोर्ट जस्टिस दिनेश मेहता ने पुलिस विभाग को आदेश दिए कि छह सप्ताह में नियुक्ति दी जाए।

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