योग्यता के दम पर चार साल से टिके एसपी खमेसरा

योग्यता के दम पर चार साल से टिके एसपी खमेसरा

चित्तौडग़ढ़(विवेक वैष्णव)। एक समय था जब जिले में प्रशासन के उच्च अधिकारियों का ठहराव काफी लम्बे समय तक रहता था। लेकिन धीरे-धीरे इसमें बदलाव हुआ तथा कोई छह माह तो कोई डेढ़ वर्ष में तो कोई ढाई वर्ष रहने के बाद दूसरे जिले में स्थानान्तरित हो गए। किसी के पदोन्नत होने पर जयपुर मुख्यालय से दूसरी जगह भेजा गया। लेकिन जिले में पुलिस महकमें के कप्तान प्रसन्न कुमार खमेसरा 4 वर्ष का चित्तौडग़ढ़ में अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। करीब 50 सालों में खमेसरा ही ऐसे हैं, जिन्होंने सबसे लम्बा कार्यकाल एक ही पद पर निकाला है। इस दौरान विवेकपूर्ण निर्णय, सामंजस्य व लोगों के बीच पकड़, जिले में जनता से सीधे जुड़ाव के चलते कोई बड़ी घटना नहीं होने दी। इतना ही नहीं कोई घटना भी हुई तो उसका समय रहते खुलासा कर दिया। इसी विशेषता के चलते सरकार व पुलिस महकमें के उच्च अधिकारियों का विश्वास खमेसरा में रहा है। अब खमेसरा चित्तौडग़ढ़ से ही डीआईजी के पद पर पदोन्नत हुए हैं।

किसी भी जिले में व्यवस्थाओं को चलाने, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, अपराधों की रोकथाम व शांति व्यवस्था के लिए जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है। इनकी कार्य प्रणाली ही जिले के प्रशासन व पुलिस महकमें को चलाती है। वर्ष 1960 से 85 तक वरिष्ठ अधिकारियों का कार्य काल तीन वर्ष या इससे अधिक रहता रहा है। लेकिन बाद में स्थिति यह हो गई कि दो वर्ष पूर्ण करने वाले अधिकारी ही बहुत कम रहे। वहीं चित्तौडग़ढ़ पुलिस अधीक्षक पद पर इतने लम्बे समय तक कार्यकाल बहुत ही कम अधिकारियों का रहा है। चित्तौडग़ढ़ में पुलिस अधीक्षक पद पर प्रसन्नकुमार खमेसरा शुक्रवार तक 4 वर्ष व 11 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। खमेसरा 8 जनवरी 2014 को चित्तौडग़ढ़ पुलिस अधीक्षक पद पर कार्य भार ग्रहण किया था। वे डूंगरपुर से स्थानान्तरित होकर आए थे। वहीं 8 जनवरी 2018 को इनके चार वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। वहीं गत दिसम्बर में खमेसरा के डीआईजी पद पर पदोन्नति के आदेश हुए थे। अब से पदोन्नत स्थान के लिए सरकार के आदेशों की प्रतिक्षा में हैं।

एमएस हिरण का है सर्वाधिक कार्यकाल
चित्तौडग़ढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक पद पर लम्बा कार्यकाल निकालने वालों में मनोहरसिंह हिरण प्रथम स्थान पर हैं। मनोहरसिंह हिरण ने जिले में करीब 4 वर्ष 6 माह का कार्यकाल निकाला था। उन्होंने 14 मई 1962 को कार्यभार ग्रहण किया व 26 अक्टूबर 1966 तक चित्तौडग़ढ़ एसपी पद पर रहे हैं।

4 एसपी ऐसे जो प्रदेश पुलिस के बनें कप्तान
चित्तौडग़ढ़ पुलिस अधीक्षक के पद पर रहने वाले चार अधिकारी ऐसे भी रहे हैं, जिन्होंने बाद में पदोन्नत होकर राजस्थान पुलिस की कमान भी संभाली है। कई तो बाद में सेवानिवृत हो गए लेकिन चार अधिकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के पद से सेवानिवृत हुए हैं। इनमें सबसे पहला नाम जीपी पिलानिया का हैं। पिलानिया का चित्तौड?ढ़ में 31 जनवरी 1960 से 14 मार्च 1960 तक का बहुत ही छोटा कार्यकाल रहा था। इसके बाद ओमेन्द्र भारद्वाज 7 मार्च 1986 से 2 अगस्त 1986 तक पुलिस अधीक्षक रहे। वहीं मनोज भट्ट 13 सितम्बर 1989 से 29 अप्रेल 1990 पुलिस अधीक्षक के पद पर चित्तौड?ढ़ में रहे हैं। वहीं वर्तमान में राजस्थान पुलिस के मुखिया ओपी गल्होत्रा भी 20 फरवरी 1993 से 30 फरवरी 1994 तक चित्तौड?ढ़ में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रहे हैं।

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