दो दशक बाद एमएलए बेनीवाल और राजकुमार को कोर्ट से राहत

दो दशक बाद एमएलए बेनीवाल और राजकुमार को कोर्ट से राहत

जयपुर। छात्र जीवन में रास्ता रोकने और आंदोलन करने के दौरान दर्ज हुए मुकदमें में दो दशक के बाद विधायक हनुमान बेनीवाल और राजकुमार शर्मा को राहत मिली है। साथ ही छात्रनेता रहे विजय देहडू को सीबीआई की विशेष अदालत से बड़ी राहत मिली है।

सीबीआई की विशेष अदालत क्रम संख्या 4 की जज चंद्रकला जैन ने रास्ता रोकने, पुलिसकर्मियों से मारपीट करने और राजकार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है। मामले के अनुसार 8 सितंबर 1997 को लालकोठी पुलिस थाने में तत्कालीन एसआई लक्ष्मीनारायण ने जयपुर बंद के दौरान राजकुमार शर्मा, हनुमान बेनीवाल समेत अन्य के खिलाफ महाराजा कॉलेज के बाहर रास्ता रोककर प्रदर्शन करने और पुलिसकर्मियों से मारपीट करने के साथ ही राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में 20 अक्टूबर 1997 को चालान पेश किया था। जिसके बाद वर्ष 2012 में जयपुर की एसीजीएम 12 कोर्ट ने तत्कालीन विधायक राजकुमार शर्मा और विधायक हनुमान बेनीवाल के साथ ही विजय देहडू को तीन-तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने इन पर 20,250 रुपए जुर्माना भी लगाया था। हालांकि कोर्ट ने तीनों को 5,000 हजार रुपए की जमानत पर रिहा कर दिया। बचाव पक्ष ने ऊॅपरी अदालत में इस फैसले का चुनौती दी थी, जिस पर सीबीआई कोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के फैसले का रद्द करते हुए तीनों को बरी कर दिया।

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