चित्तौड़ दुर्ग के साथ कलेक्ट्री को भी बनाया छावनी

चित्तौड़ दुर्ग के साथ कलेक्ट्री को भी बनाया छावनी

चित्तौडग़ढ़। निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावत सर्वोच्य न्यायालय के आदेश के बाद अब गुरूवार को रिलीज हो रही है लेकिन उससे एक दिन पहले बुधवार को चित्तौड़ दुर्ग एक बार फिर केन्द्र बिन्दु बन गया और बुधवार को दिनभर विश्व विरासत श्रृंखला चित्तौड़ दुर्ग पर विरानी छाई रही। पुलिस ने दुर्ग पर सुबह से ही सभी तरह की आवाजाही प्रतिबन्धित कर दी थी और चप्पे चप्पे पर जाप्ता तैनात किया गया तथा दुर्ग तथा कलेक्ट्री को छावनी बना दिया गया। कानून व्यवस्था के लिए पूरे उदयपुर रैंज से जाप्ते की तैनाती की गई। फिल्म के विरोध में सर्व समाज की ओर से बुधवार दोपहर बाद दुर्ग के प्रथम प्रवेष द्वार पाडनपोल पर प्रसुन्न जोशी का पूतला फूंका गया तथा नारेबाजी व टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

सर्व समाज की ओर से जौहर एवं शाका की चेतावनी तथा गुरुवार को फिल्म प्रदर्शन की तिथि होने के कारण बुधवार दिनभर प्रशासन की सांसे फूली रही। कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरे उदयपुर रैंज से चार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के साथ ही दर्जनों वृत्ताधिकारियों व थानाधिकारियों के साथ ही अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया था। जिला कलेक्टर इन्द्रजीतसिंह तथा जिला पुलिस अधीक्षक प्रसन्न खमेसरा भी दिनभर कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा करते देखे गये। सिर्फ उदयपुर से ही एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित चार वृत्ताधिकारी, एक दर्जन से अधिक थानाधिकारी सहित 50 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

जौहर भवन पर भी रही नजरें
विरोध प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए प्रषासन की नजरें दिनभर जौहर भवन पर भी रही। रात्रि में दुर्ग स्थित जौहर स्थल के समीप करणी सेना की ओर से टायर जलाकर प्रदर्षन करने के चलते करणी सेना जिलाध्यक्ष गोविन्दसिंह खंगारोत को 151 में पाबन्द किया गया। इसके बाद सभी की निगाहे जौहर भवन की ओर जा टिकी। जहां दोपहर करीब 3 बजे क्षत्राणी मंच की महिलाएं पहुंचे तथा वहां स्थित जौहर ज्योति मंदिर में आरती प्रारंभ की। आरती के पश्चात युवकों की टोली वाहन रैली के रूप में पाडनपोल पहुंची तथा फिल्म को पूरे भारत में बैन करने की मांग को लेकर वहां प्रसुन्न जोषी, संजय लीला भंसाली, केन्द्र सरकार, सेंसर बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी की तथा प्रसुन्न जोशी का पूतला फूंककर तथा टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।

अधिवक्ता एवं पुलिस में हुई कहासुनी
पद्मावत फिल्म के विरोध में प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर को भी छावनी बना दिया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में न्यायालय परिसर स्थित होने के कारण अधिवक्ताओं का आना जाना इस परिसर से होता है। यहां बेरिकेट्स लगाकर आवाजाही रोके जाने के चलते अधिवक्ता चांदनी बैरागी एवं अन्य अधिवक्ताओं की वहां तैनात पुलिसकर्मियों से कहासुनी हो गई। बाद में बड़ीसादड़ी थानाधिकारी चन्द्रशेखर ने हस्तक्षेप कर मामले को षंात करवाया।

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