केन्द्रीय बजट: मध्यम वर्ग फिर मायूस

केन्द्रीय बजट: मध्यम वर्ग फिर मायूस

विभिन्न टीवी चैनल्स से प्राप्त जानकारी

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को मोदी सरकार का आखिरी सम्पूर्ण बजट पेश किया। बजट पर आने वाले साल में होने वाले विभिन्न चुनावों की छाया दिखाई दी। मीडियम क्लॉस और सर्विस क्लास के लिए इंकम टैक्स में कोई घोषणा नहीं करके फिर एक बार उन्हें मायूस किया है।

केन्द्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना घोषित की है। इसके तहत 10 करोड़ परिवारों को हॉस्पिटलाइजेशन पर 5 लाख रुपए सालाना का हेल्थ कवर मिलेगा। इसका फायदा 40 से 50 करोड़ लोगों तक पहुंचेगा। वहीं, किसानों को ध्यान में रखते हुए खरीफ की फसलों पर डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने की भी वित्त मंत्री जेटली ने घोषणा की। सरकार इनकम टैक्स में स्टैंडर्ड डिडक्शन से 8,000 करोड़ रुपए तो गंवाएगी, लेकिन हेल्थ और एजुकेशन पर 1 प्रतिशत सेस बढ़ाकर 11 हजार करोड़ रुपए वसूल लेगी।

नहीं बदला इनकम टैक्स स्लैब
उम्मीद के विपरीत जाकर केन्द्र सरकार ने इंकम टैक्स स्लैब को बरकरार रखा गया। इससे देश के 4 करोड़ व्यक्तिगत आयकर दाताओं को निराशा हुई। 80जी के तहत डेढ़ लाख रुपए इन्वेस्ट कर इनकम टैक्स में छूट हासिल करने की लिमिट भी नहीं बढ़ाई गई।

1 प्रतिशत सेस बढ़ाया
पर्सनल इनकम टैक्स और कॉरपोरेशन टैक्स पर एजुकेशन पर 3त्न सेस लगता था। इसकी जगह अब हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर की फंडिंग के लिए 4 प्रतिशत सेस लगेगा। इससे सरकार को 11 हजार करोड़ रुपए का एडिशनल रेवेन्यू मिलेगा।

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई, लेकिन रोड सेस लगाकर वापिस ले लिया
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 2 रुपए की बेसिक एक्साइज ड्यूटी कम की और 6 रुपए एडिशनल एक्साइज ड्यूटी खत्म कर दी। 8 रुपए की यह राहत आम आदमी को इसलिए नहीं मिलेगी, क्योंकि सरकार ने 8 रुपए का रोड सेस लगा दिया है।

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