पार्टी नेताओं ने तलाशे हार के कारण, किया मंथन

पार्टी नेताओं ने तलाशे हार के कारण, किया मंथन

जयपुर। प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य की दो लोकसभा सीटों और एक विधानसभा सीट पर हुई हार की समीक्षा के लिए शुक्रवार को बैठक की। पार्टी को अजमेर और अलवर लोकसभा सीटों और मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा है।

बैठक में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी और पार्टी के अन्य नेता उपस्थित थे। भाजपा के एक सूत्र ने बताया कि इस बैठक में हार की समीक्षा करने के अलावा इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए विस्तृत रणनीतिक योजना पर चर्चा हुई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राजस्थान के कुछ नेताओं से भाजपा की शर्मनाक हार का फीडबैक जानने के संबंध में बात की है।

भाजपा पिछले चार वर्षों से यहां सत्ता में है और वह यहां हुए आठ विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव में से केवल दो पर जीत दर्ज करने में सफल रही है। अलवर, अजमेर में भाजपा के सांसद और मांडलगढ़ में विधायक के निधन के बाद उपचुनाव कराए गए थे। चुनाव परिणाम गुरुवार को घोषित किए गए। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में, कांग्रेस राजस्थान में एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं हुई थी।
अजमेर, अलवर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा में बीजेपी की हुई करारी हार के बाद अब सत्ता और संगठन में बदलाव के नाम पर कई नेताओं पर गाज गिरने की संभावना है। खासतौर पर प्रदेश भाजपा नेतृत्व में ही बदलाव के संकेत मिल रहे है। सुबह से ही मुख्यमंत्री आवास से लेकर प्रदेश भाजपा मुख्यालय में हार की समीक्षा और कारणों पर चिंतन मनन का दौर जारी रहा।

मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश बीजेपी कोर ग्रुप के सदस्यों की बैठक हुई जिसमें प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, सह संगठन महामंत्री वी सतीश सहित सरकार में मंत्री गुलाबचंद कटारिया, यूनुस खान, राजेन्द्र राठौड़ और अरूण चतुर्वेदी शामिल हुए। करीब ढाई घंटे तक चले इस मंथन के बाद भाजपा नेता यहां से निकल गए और मीडिया के सामने आने से गुरेज किया।

इसके बाद प्रदेश भाजपा मुख्यालय में संगठन महामंत्री चंद्रशेखर और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री वी सतीश के बीच लंबी मंत्रणा हुई। दोनों बैठकों में सत्ता और संगठन से जुड़े नेता इस अप्रत्याशित हार के कारणों को खोजते रहे। चुनावी साल में हुए तीनों सीटों पर उपचुनाव में हार के कारणों पर अब प्रदेश भाजपा संगठन और सरकार को शीर्ष नेतृत्व को सफाई देना होगी। साथ ही यह भी तय करके बताना होगा कि इस हार के लिए कौन जिम्मेदार है और वो कौन से कारण रहे जिनके कारण यह हार हुई।

चुनाव परिणाम आने के दौरान प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर दिल्ली में ही थे और इस दौरान उनकी पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात की सूचना है। बताया जा रहा है कि शाह ने उपचुनाव के नतीजों पर नाराजगी जताते हुए यह संकेत दे दिए कि चुनावी साल में अब पार्टी कोई रिस्क नहीं लेगी और हार की जिम्मेदारी तय कर आगे कार्रवाई की जाएगी।

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