राज्यपाल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री का जवाब: राजनीतिक चश्मा हटाए विपक्ष, दिखने लगेगा विकास: राजे

राज्यपाल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री का जवाब: राजनीतिक चश्मा हटाए विपक्ष, दिखने लगेगा विकास: राजे

जयपुर। राज्यपाल के अभिभाषण पर चार दिन की बहस के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने प्रतिपक्ष को जमकर आइना दिखाया। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि पिछले चार साल में राजस्थान में हुए विकास को देखने के लिए विपक्ष अपना राजनीतिक चश्मा हटाए। कई ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें राजस्थान पहले पायदान पर खड़ा है, लेकिन विपक्ष को यह सब दिखाई नहीं दे रहा। हमने सुशासन, सुराज और सेवा का जो संकल्प लिया है, उस पर मरते दम तक कायम रहेंगे और प्रदेश को सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाएंगे।

राजे ने कहा कि शौचालय निर्माण, भामाशाह योजना, ई-मित्र केंद्रों की स्थापना, देश में सबसे अधिक शहरों के बीच हवाई सेवा, अन्नपूर्णा भण्डारों की स्थापना के नवाचार सहित कई क्षेत्रों में राजस्थान अव्वल है, लेकिन विपक्ष को यह सब तब दिखाई देगा जब वे अपना राजनीतिक चश्मा हटाएंगे।

फिर हम यहीं बैठे मिलेंगे और आप वहीं बैठे मिलोगे

राजे ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर चार दिन से हो रही बहस में प्रतिपक्ष का फोकस केवल तीन उपचुनावों की जीत और सत्ता हासिल करने की लालसा पर रहा, लेकिन किसी एक परिणाम से भविष्य की कल्पना करना गलत होगा। उन्होंने कहा कि हमें हमारी नीतियों पर तथा उस विकास पर पूरा विश्वास है, जो आम आदमी को दिखाई दे रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं ने आमजन के जीवन में बदलाव और खुशहाली लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मुझे मेरे संगठन, मेरे कार्यकर्ता और जनता पर पूरा विश्वास है। आने वाले विधानसभा चुनाव में फिर से कमल खिलेगा, फिर से हमारी सरकार बनेगी। हम यहीं बैठे मिलेंगे और आप भी वहीं बैठे मिलोगे।

आपको सत्ता की लालसा, हमें सेवा की लगन

मुख्यमंत्री ने विपक्ष से कहा कि आपका हर कदम सत्ता की लालसा से प्रेरित है। सत्ता के लिए चुनाव लडऩे की कला आप से बेहतर कौन जानता है, तभी तो आप 50 साल तक सत्ता पर काबिज रहे। महात्मा गांधी का नाम तो लिया, लेकिन कभी स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया। सरदार पटेल की स्तुति तो की, लेकिन देश में इमरजेंसी लगा दी। जनता को वोट बैंक में बांट कर उसे ताकतवर बनाने की जगह कमजोर कर दिया। इतना ही नहीं वोटों की खातिर आपने भाई-भाई को भी लड़वा दिया।

आपने पत्थर लगाए, हमने काम कराए

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप ने चुनावी लाभ के लिए जाते-जाते 51 हजार करोड़ रुपए के पत्थर प्रदेशभर में लगा दिए। हमारी सरकार ने इन पत्थरों का सम्मान किया और काम शुरू करवाए। आपने बिना किसी योजना और बजट के पचपदरा में रिफाइनरी का पत्थर लगा दिया। हमने हमारा राजधर्म पहचाना और जनता के हित को सर्वोपरि रखते हुए इस गेम चेंजिंग प्रोजेक्ट को धरातल पर लेकर आए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को प्रधानमंत्रीजी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रीजी का आभार प्रकट करना चाहिए, जिनकी मदद से राजस्थान पर पडऩे वाले वित्तीय भार में 40 हजार करोड़ रूपए की बचत हुई।

सदन की गरिमा बनाए रखना, पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों का कर्तव्य

राजे ने कहा कि लोकतंत्र की परिभाषा पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों को मिलाकर ही पूरी होती है। उन्होंने कहा कि पक्ष और प्रतिपक्ष की भूमिकाएं भले ही अलग-अलग हों, परन्तु दोनों का कर्तव्य सदन की गौरवशाली परम्परा और गरिमा को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष की कुर्सी पर कभी स्व. भैरोंसिंह जी जैसे कद्दावर नेता बैठा करते थे जो वित्त आयोग को ज्ञापन देते समय कांग्रेस की सरकार के साथ खड़े हुए थे। हमने आलोचनाओं से हटकर कांग्रेस सरकार के समय के अच्छे कार्यों की सराहना की थी। इसके विपरीत हाल ही जब किसानों के हितों के लिए हमने एक उच्च स्तरीय दल के साथ केरल जाने के लिए प्रतिपक्ष के सदस्यों को भी आमंत्रित किया तो वे नहीं गए।

अन्त में राजे ने एक शेयर कह कर अपनी बात को समाप्त किया

”ये राहें ले ही जाएंगी मंजिल तक हौंसला रख,
कभी सुना है कि अंधेरों ने सवेरा होने ना दिया।

तिवाड़ी ने व्यवधान डाला, आसन ने कहा आप जा सकते हैं

भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री के रिप्लाई के समय व्यवधान डाला। जैसे ही मुख्यमंत्री बोलने खड़ी हुई तो तिवाड़ी ने कहा कि मुझे बोलना है। आसन ने उन्हें बैठ जाने को कहा। वे नहीं बैठे तो विधानसभा अध्यक्ष बोले कि आपका नाम कल पुकारा गया था लेकिन आप नहीं थे। इस पर तिवाड़ी ने कहा मेरा नाम कल सूची में नहीं था। आसन ने उन्हें सख्ती से बैठने को कहा तो तिवाड़ी बोले कि मैं खड़ा रहूंगा। मुख्यमंत्री ने बोलना शुरू कर दिया। इस पर हनुमान बेनीवाल और कांग्रेस के श्रवणकुमार ने कहा कि इनको तो बैठाइये। आसन ने सख्ती से कहा कि सांगानेर से आने वाले विधायक मुझे आपको नाम से पुकारना पड़ेगा। आपको सुनना है तो सुने अन्यथा आप जा सकते हैं। इस पर तिवाड़ी ने कहा कि ठीक है मैं जा रहा हूं। उनके पीछे-पीछे वरिष्ठ विधायक के अपमान की बात करते हुए बेनीवाल और कांग्रेस के उपनेता रमेश मीणा भी बाहर आ गए।

मैच फिक्सिंग:

बाहर मीडिया से बात करते हुए रमेश मीणा ने अजीबोगरीब आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच मैच फिक्सिंग हो गई है और मैं इसकी शिकायत कांग्रेस अध्यक्ष और हाईकमान से करुंगा।

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