जयपुर और टोंक में लगेंगे स्मार्ट मीटर, लैंडलाइन फोन की तरह कटेंगे और जुडेंग़े कनेक्शन

जयपुर और टोंक में लगेंगे स्मार्ट मीटर, लैंडलाइन फोन की तरह कटेंगे और जुडेंग़े कनेक्शन

-टेंडर कराने पर काम शुरू, बिजली चोरी रोकने का सबसे स्मार्ट तरीका

-कनेक्शन कटने लेकर जुडऩे तक सब कुछ ऑनलाइन

रोशनलाल शर्मा

जयपुर। जयपुर डिस्कॉक ने जयपुर शहर के बाहरी सात भाग और टोंक शहर को स्मार्ट मीटर योजना से जोडऩे की परियोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना के तहत जयपुर डिस्कॉम का काम एक तरह से टेलीफोन एक्सचेंज की तरह हो जाएगा और सब कुछ ऑनलाइन और मॉडम के जरिए होगा।

स्मार्ट मीटर परियोजना को पिछले दिसम्बर की 5 तारीख को ऊर्जा मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रोजेक्ट को हरी झण्डी दिखाई गई थी। एक अरब और एक करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में साठ प्रतिशत फन्डिंग पॉवर फायनेस कारपोरेशन (पीएफसी) द्वारा की जाएगी बाकी चालीस फीसदी पैसा जयपुर डिस्कॉम को खर्च करना है।

ये बिजली रोकने का सबसे स्मार्ट तरीका है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद जहां बिजली चोरी होगी, उस मकान का लोढ कम होने के साथ ही पॉवर एक्सजेंस को पता चल जाएगा और वहां से ऑटोमेटिक विजिलेंस के मोबाइल नम्बर पर मैसेज चला जाएगा। विजिलेंस उस पर तत्काल संबंधित मकान जाकर चैकिंग करेगी। जयपुर शहर के सात वे सब डिविजन इसमें शामिल किए गए हैं जहां बिजली चोरी की सबसे अधिक शिकायतें हैं। बहरहाल परियोजना पारित हो चुकी है और जयपुर डिस्कॉम इसके लिए तेजी से काम शुरू कर चुका है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार है और स्मार्ट मीटर खरीदने और उन्हें लगाने का काम करने के लिए निविदाएं आमंत्रित किए जाने की तैयारी है।

जयपुर के ये सब डिविजन होंगे शामिल

आमेर, पुरानाघाट, जगतपुरा, सांगानेर, भांकरोटा, बिंदायका और विद्याधरनगर इसमें शामिल किए गए हैं। इसके अलावा पूरा टोंक शहर इसमें शामिल है। इसके बाद बचे हुए इलाकों के लिए दूसरा स्मार्ट मीटर योजना भी पाइप लाइन में चल रही है जिसके तहत नेशनल स्मार्ट ग्रिड मिशन द्वारा फन्डिंग की जाएगी।

ये होगी सुविधाएं

-मीटर रीडिंग लेने के लिए आपके दरवाजे पर कर्मचारी नहीं आएगा। रीडिंग ऑनलाइन सरवर पर रहेगी।
-यदि उपभोक्ता का बकाया है तो बिजली का कनेक्शन सरवर से ही कट जाएगा, जैसे फोन कट जाता है।
-पैसा जमा होने के बाद बिजली कनेक्शन भी बिना कर्मचारी के सरवर से ही जुड़ जाएगा।
-ये सब कुछ मॉडम से कन्ट्रोल रहेगा।
-हर आधे घण्टे में लोढ कम हो रहा है या बढ़ रहा, ये जानकारी डिस्कॉम के सरवर पर उपलब्ध रहेगी।
-बिल भी उपभोक्ता के ई-मेल आईडी पर भेज दिया जाएगा और एक एसएमएस रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर आ जाएगा।

ये होगा फायदा

-बिजली का कर्मचारी आपका दरवाजा नहीं खटखटाएगा।
-बिल नहीं आया, देरी से आया या खो गया जैसी समस्या खत्म हो जाएगी।
-बिजली चोरी की संभावना लगभग नगण्य हो जाएगी।

इनका कहना है

स्मार्ट मीटर परियोजना टोंक शहर और जयपुर के कुछ उपखंडों में लाई जा रही है। योजना को केन्द्र सरकार ने पास कर दिया है और इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इससे बिजली चोरी पर लगाम लगेगी।

-नवीन अरोरा, निदेशक तकनीकी, जयपुर डिस्कॉम

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