महिलाएं हर चुनौती का सामना करने में सक्षम: राजे

महिलाएं हर चुनौती का सामना करने में सक्षम: राजे

-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सभा-

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं हर चुनौती स्वीकार कर उनका सामना करने में सक्षम हैं और अपने घर-परिवार के साथ देश-प्रदेश को आगे बढ़ाने में पूरा योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि हम महिलाओं को पूरी तरह सशक्त बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं ताकि हमारी नारी शक्ति प्रदेश के विकास में और अधिक भागीदारी निभा सके।

राजे शुक्रवार को एसएमएस इंवेस्टमेंट मैदान में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में आई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, साथिनों तथा आशा सहयोगिनियों को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही महिलाएं अपनी शक्ति और सामथ्र्य का पूरा उपयोग करें तो राजस्थान को आगे बढऩे से कोई नहीं रोक सकता।

प्रदेश में पैडमैन होगी टैक्स फ्री

राजे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं और महिलाओं की स्वच्छता की चिंता करते हुए स्कूल-कॉलेजों में सैनेटरी पैड वितरण के लिए मशीनें लगाई जाएंगी। उन्होंने सैनेटरी पैड के उपयोग की जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पैडमैन फिल्म बनाने के लिए अभिनेता अक्षय कुमार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म को प्रदेश में टैक्स फ्री किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक महिलाओं तक स्वच्छता का यह संदेश पहुंच सके।

भामाशाह योजना महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि भामाशाह योजना प्रदेश की महिलाओं के सशक्तीकरण में सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। आज जिस महिला के पास भामाशाह कार्ड है, वो अपने परिवार की मुखिया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के इस मिशन को आगे बढ़ाते हुए राज्य बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ब?ाया गया जिसका लाभ प्रदेश की 1 लाख 84 हजार मानदेयकर्मी महिलाओं को मिलेगा। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 6 हजार, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को साढ़े 4 हजार, सहायिका को साढ़े 3 हजार, साथिन को 3 हजार 300 तथा आशा सहयोगिनी को 2 हजार 500 रुपये हर माह मिलेंगे। राजे ने कहा कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केन्द्रों के विकास पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गत एक वर्ष में करीब साढ़े 4 हजार आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित किए गए हैं, जहां बच्चों को अच्छी सुविधाएं और बेहतर प्री-स्कूल एजुकेशन मिल रही है। बाल विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के लिए 1 हजार नर्सिंग ट्रेनिंग टीचर्स की भी भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिला दुग्ध समितियों को 2 हजार लीटर क्षमता के 750 बल्क मिल्क कूलर और 1 हजार लीटर क्षमता के 250 बल्क मिल्क कूलर खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के लिए 24 राजकीय आईटीआई में 12 व्यवसायों में महिला विंग खोली जाएंगी।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी, सार्वजनिक निर्माण मंत्री यूनुस खान, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अनिता भदेल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा, राजस्थान आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ की प्रदेश श्रीमती राधा शर्मा तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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