जोधपुर जेल में बंद शंभूनाथ ने बनाया वीडियो, जान को बताया खतरा

जोधपुर जेल में बंद शंभूनाथ ने बनाया वीडियो, जान को बताया खतरा

वीडियो के सामने आने के बाद जेल अधिकारियों में मचा हड़कंप  

जयपुर/जोधपुर। प्रदेश के बहुचर्चित राजसमंद लाइव मर्डर केस के आरोपी शंभूनाथ रैगर ने जोधपुर सेंट्रल जेल से अपना एक वीडियो जारी कर खुद की जान को खतरा बताया है। ये वीडियो जारी होने के बाद जेल अधिकारियों में हडकम्प मचा हुआ है। सवाल उठ रहे हैं कि सुरक्षा के बीच कैसे शंभूनाथ के पास मोबाइल पहुंचा और उसने कैसे वीडियो सोशल मीडिया पर वॉयरल किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में शंभूनाथ ने जेल में बंद पश्चिम बगाल के एक कैदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो उसे मारना चाहता है। जेल अधिकारियों ने शंभूनाथ के बैरक की तलाशी की, लेकिन वहां उन्हें कोई मोबाइल नहीं मिला। इस बीच उसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

शंभूनाथ राजसमंद लाइव मर्डर प्रकरण में जोधपुर जेल में बंद है। उसने जोधपुर सेंट्रल जेल से दो वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए हैं। शंभूनाथ का पहला वीडियो दो मिनट 25 सेकंड का है, जबकि दूसरा वीडियो 6 मिनट 19 सेकंड का है। इस वीडियो में शंभूनाथ ने आरोप लगाया है कि जेल प्रसासन ने उसके सबसे सुरक्षित जगह रखा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वासुदेव ब्राह्मण नाम का कैदी उसके पास आया और उससे दोस्ती बढ़ाने लगा, तो इस पर उसे शक हुआ। शंभूनाथ ने आरोप लगाया की वासुदेव नाम का यह कैदी पश्चिमी बंगाल का है और फर्जी नाम पते से जेल में बंद है और उसे जान से मारना चाहता है।

शंभूनाथ ने वीडियो में कहा की वह मरने से नहीं डरता, लेकिन जिहाद देश के लिए खतरा है। पश्चिमी बंगाल सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। देश में कई जिहादी फर्जी नाम पते से रह रहे हैं। उसने पाकिस्तान और बांग्लादेश द्वारा देश में दंगे फैलाने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि जिहादियों ने हिन्दू बेटियों पर जिहादी टिप्पणी की थी, जिसके बाद उसने बंगाली मजदूर की हत्या की थी और इसका उसे कोई अफसोस नहीं।

जेल से वीडियो वायरल होने के बाद जोधपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कैसे कोई कैदी मोबाइल फोन से जेल में अपना वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर डाल देता है और जेल प्रसासन को इसकी भनक तक नहीं लगती। इस जेल में कई बड़े कैदी बंद हैं। ऐसे में कैदियों के मोबाइल इस्तेमाल करने से खतरा हो सकता है।

और कटारिया ये क्या कह गए: जेल में जैमर पर 14 करोड़ खर्च, 4जी के बाद हुए फेल

इधर, वॉयरल वीडियो के बाद एक बयान में के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने अजीबोगरीब बात कही है। दरअसल, शंभूलाल के वायरल वीडियो को लेकर गृहमंत्री कटारिया सोमवार को मीडिया से बात कर रहे थे। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि जेल में जैमर लगाने के बाद भी वहां मोबाइल कैसे पहुंच रहे हैं। इसपर गृहमंत्री ने स्वीकार किया कि सभी जेलों में 14 करोड़ खर्च कर जैमर लगाये गए हैं, लेकिन इनमें कुछ खामियां हैं। उन्होंने कहा कि जेलों के 500 मीटर के दायरे में जो मोबाइल टावर हैं, वो अपनी कैपेसिटी बढ़ा देते हैं। इसके अलावा जिस तरह से 2जी के बाद 3जी और 4जी नेटवर्क आ गए हैं, उसके बाद ये जैमर सही से काम नहीं कर पा रहे हैं।

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