पत्रकारिता का विश्वास थे ‘कुमार

पत्रकारिता का विश्वास थे 'कुमार

 

-प्रथम पुण्यतिथि पर संगोष्ठी सम्पन्न

जयपुर। राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के मीडिया सलाहकार व पिंकसिटी प्रेस क्लब जयपुर के पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार विश्वास कुमार आदर्श पत्रकारिता के परिचायक थे तथा उनसे आज की युवा पीढ़ी को पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए नवीन ज्ञान अर्जित करना चाहिए।

स्व. विश्वास कुमार की पिंकसिटी प्रेस क्लब में प्रथम पुण्यतिथि पर रविवार को यादों में विश्वास कुमार व आज की पत्रकारिता विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बोलते हुए विभिन्न वक्ताओं ने यह विचार प्रकट किए। जनसम्पर्क निदेशालय के पूर्व निदेशक सत्यनारायण सिंह ने इस अवसर पर कहा कि विश्वास यादों के मामलें में एक चलती फिरती डायरेक्ट्री थे व उनकी याददाष्त का कोई सानी नहीं था। आज की युवा पीढी को सिद्धांतों पर चलकर आगे बढऩा चाहिए।

संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्याम आचार्य ने कहा कि विश्वास कुमार कलम के धनी थे तथा उन्होंने अपने समय में पत्रकारिता के आयामों को एक नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार के हर स्तर पर विश्वसनीय संबंध होने चाहिए। जिससे पत्रकार का पत्रकारिता का जीवन सफल हो सके। विष्वास कुमार इसकी एक मिसाल थे और उन्होंने अपने साथी पत्रकारों को भी यहीं सिखाया।

जयपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक आर.जी. गुप्ता ने कहा कि मैंने विश्वास कुमार के साथ डिस्कॉम में काम किया है। वह आदर्श पत्रकार थे व उनकी पत्रकारिता के अधिकांश विषयों पर पकड़ थी जिससे आज की युवा पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए। बीबीसी के ब्यूरो चीफ नारायण बारेठ ने सगोष्ठी में कहा कि आज की पत्रकारिता और पहले की पत्रकारिता में काफी परिवर्तन आया है। पुराने समय में पत्रकारिता को ध्यान में रखते हुए आज के पत्रकारों को आगे बढऩा चाहिए और अपने मिशन को अर्जित करना चाहिए।

हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति सन्नी सेबेस्टियन ने इस अवसर पर कहा कि स्व. विश्वास कुमार की पत्रकारिता का कोई सानी नहीं था तथा उन्होंने तमाम विकट परिस्थितियों और परेशानियों के बीच भी पत्रकारिता के आदर्शों को कायम रखा। पिंकसिटी प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष ईषमधु तलवार ने इस अवसर पर कहा कि हमने साथ-साथ पत्रकारिता की है व विभिन्न परिस्थितियों में कैसे सार्थक पत्रकारिता की जाती है यह विश्वास कुमार से सीखने की बात थी।

पिंकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष एल.एल.शर्मा ने इस अवसर पर विश्वास कुमार के साथ अपने संस्मरण सुनाएं और बताया कि किस तरह से कई बार विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने पत्रकारिता के नए आयामों को स्थापित किया तथा मैंने उनसे पत्रकारिता के क्षेत्र में बहुत कुछ सीखा।

शर्मा ने बताया कि उनकी यादाश्त का कोई मुकाबला नही था, उन्हें दो-ढ़ाई हजार टेलीफोन नम्बर मुख-जवानी याद थे। प्रेस क्लब के महासचिव मुकेश मीणा ने इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकारों के संबंध में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए प्रेस क्लव सभागार नि:शुल्क देने की घोषणा की। इस अवसर पर एक पुरस्कार की घोषणा की गई। ये पुरस्कार विश्वास कुमार की स्मृति में आगामी पुण्यतिथि से दिए जाएंगे।

 

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