सदन में हंगामे की ओलावृष्टि:फसलों के नुकसान का मामला उठा

सदन में हंगामे की ओलावृष्टि:फसलों के नुकसान का मामला उठा

विधानसभा संवाददाता

जयपुर। प्रदेश के सीकर और अलवर जिले सहित कई स्थानों पर हुई ओलावृष्टि की वजह से फसलों के नुकसान का मामला सोमवार को विधानसभा में उठा। कांग्रेस सदस्यों ने ओलावृष्टि को लेकर सरकार से जवाब की मांग की। सरकार का कहना था कि नियमों के तहत विपक्ष कोई मुद्दा उठाता है तो सरकार उसका जवाब देने के लिए तैयार है। वैसे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रविवार को ही नुकसान प्रभावित क्षेत्रों के लिए गिरदावरी रिपोर्ट जल्द भेजने के आदेश जारी कर दिए थे।

सरकार का कहना है कि कांग्रेस इतनी गंभीर होती तो उसकी तरफ से सदन में स्थगन लाया जाता, लेकिन एक भी स्थगन उसकी तरफ से नहीं लाया गया। न ही पर्ची के माध्यम से किसी सदस्य ने मामला उठाने की कोशिश की। सिर्फ घडिय़ाली आंसू बहाने के लिए और किसानों की हितैषी साबित करने के लिए कांग्रेसी मुद्दा उठा रहे हैं।
गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया वह संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ ने विपक्ष के हमलों का जोरदार जवाब दिया। उधर, कांग्रेस की तरफ से सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा ने यह मुद्दा उठाया। इसके बाद विपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी भी इस मुद्दे को जोर शोर से उठाने लगे। 15 मिनट तक सदन में इसी बात को लेकर हंगामा चलता रहा।

ओलावृष्टि से हुए नुकसान के लिए स्पेशल गिरदावरी के आदेश

आपदा प्रबंधन एवं राहत मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सदन में कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा तत्काल स्पेशल गिरदावरी के आदेश दे दिये गये हैं। कटारिया ने शून्यकाल में इस संबंध में उठाये गये मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हित के लिए पूरी तरह संवेदनशील है। रविवार को हुई ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान के आकलन के लिए स्पेशल गिरदावरी के आदेश दे दिये गये हैं, ताकि जल्द से जल्द किसानों को सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने सदन में आश्वासन दिया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को राहत देने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।

सदन में हथियार ले आए बसपा विधायक न्यांगली

विधानसभा में सोमवार को सादुलपुर से बसपा विधायक मनोज न्यांगली सदन में पिस्टल के साथ आ गए और विधानसभा के अंदर प्रवेश भी कर गए। इस मामले में जब वरिष्ठ विधायक धनश्याम तिवाड़ी से पूछा गया तो उन्होंने साफ कर दिया कि सदन में किसी तरह का हथियार लेकर प्रवेश नहीं किया जा सकता है।
हालांकि विधायक मनोज न्यांगली ने कहा है कि उनके पास लाइसेंस की पिस्तौल है जो जान का खतरा होने के चलते वे हमेशा अपने साथ रखते हैं। जल्दबाजी में वे विधानसभा आ गए थे और हथियार का उन्हें ध्यान नहीं रहा।
इस बारे में तिवाड़ी ने साफ किया कि इस तरह के नियम विधानसभा में बने हुए हैं कि कोई भी विधायक बंदूक तो क्या कोई अन्य हथियार लेकर भी सदन में प्रवेश नहीं कर सकता है। विधायकों के गनमैन विधानसभा में हथियार लेकर जा सकते हैं, लेकिन वे भी गैलेरी तक ही प्रवेश कर सकतें हैं। सम्भवतया विधानसभा में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी विधायक ने ही विघानसभा की सुरक्षा में सेंध लगाते हुए सदन में प्रवेश किया हो। हालांकि सदन में यह मामला उठाया नहीं गया है, लेकिन इस तरह से पिस्तौल लेकर विधानसभा में जाना सुरक्षा व्यवस्था बड़ा प्रश्न है।

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