9-11 मार्च तक नई दिल्ली में आयोजित होगा ओडिशा पर्व 2018

9-11 मार्च तक नई दिल्ली में आयोजित होगा ओडिशा पर्व 2018

-ओडिशा और उसकी समृद्ध संस्कृति को मनाता एक महोत्सव

नई दिल्ली। एक बार फिर, दिल्ली के इंडिया गेट लॉन्स में आयोजित होने वाला ओडिशा पर्व, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ओडिशा की सामाजिक सांस्कृतिक मान्यताओं को जीवंत कर देगा। इसकी घोषणा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक प्रेेेस सम्मेलन में की गई। इस पर्व के दूसरे संस्करण में दिल्ली एनसीआर को एक ही स्थान पर ओडिशा के गौरवशाली इतिहास एवं स्वतंत्रता संग्राम सहित अद्वितीय संस्कृति, विरासत परम्परा, नृत्य, संगीत, पकवानों को अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

उद्घाटन समारोह 9 मार्च 2018 को शाम 6 बजे इंडिया गेट के लॉन नं. 6 में आयोजित होंगे। इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र मुख्य अतिथि होंगे। 10 मार्च को भारत के उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू तथा 11 मार्च को केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि होंगे।

इस पर्व को आयोजित करने के मुख्य कारण पर प्रकाश डालते हुए ओडिया समाज के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत आईआरएस ऑफिसर सिद्धार्थ प्रधान कहते हैं कि ‘देशभक्ति, साहस एवं जोश में प्रत्येक ओडिया एक पाइक है। पाइक विद्रोह, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के विरूद्ध 1804 में होने वाला पहला सशक्त विद्रोह था। प्रत्येक ओडिया अन्दर से शान्त है क्योंकि वो सुसंस्कृत और शांतिप्रिय है मगर दृढ. निश्चयी भी है। ओडिया समागम, समानता और सादगी की भूमि है।Ó वो आगे बताते हैं कि इस वर्ष ओडिशा पर्व, पिछले वर्ष से 50: ज्यादा क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए अन्य कई उपाय किए गए है। पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था के साथ साथ विशुद्ध ओडिया व्यंजनों के स्टॉलों की संख्या भी तीन-गुना कर दी गई है।

इस आयोजन-पूर्व प्रेस सम्मेलन में सिद्धार्थ प्रधान के अलावा हिरण्य मोहन्ती एवं संदीप महापात्र – ट्रस्टी ओडिया समाज एवं चारूदत्त पाणिग्रही एवं देबजीत रथ-मुख्य सदस्य ओडिया समाज भी उपस्थित थे। 2 लाख 60 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में आयोजित होने वाला ओडिशा पर्व ओडिशा के समृद्ध इतिहास एवं सभ्यता को प्रदर्शित करेगा। प्रमुख द्वार ‘डोला विमानÓ के आकार में होगा जोकि ओडिशा में होली के दौरान सामान्यत: देखा जाता है। बारीक पट्टचित्र डिजाइन इसमें और रंग जोड़ देंगे। ओडिशा पर्व के दूसरे संस्करण में ओडिशा में 1804-1947 के दौरान दमनकारी ब्रिटिश ताकतों के विरूद्ध अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले बहादुरों की जीवनगाथा एवं घटनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। ओडिशा के गौरवशाली इतिहास को चित्रित करने हेतु बाराबती किले की पृष्ठभूमि सहित एक भव्य स्टज का निर्माण किया जायेगा। एक प्रदर्शनी, एक कॉफी टेबल बुक एवं एक मल्टी प्रोजेक्शन फिल्म द्वारा 19वीं एवं 20वीं सदी में पूरे ओडिशा में फैले विरोध पर प्रकाश डाला जाएगा।

ओडिशा पर्व के इस संस्करण ने दिल्ली को ओडिशा की समृद्ध विरासत से आगाह करने के लिए कई नए आयाम भी जोड़े गए हैं। एक मूर्तिकला गैलरी जहां अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त मूर्तिकार पद्मश्री सुदर्शन साहू की मूर्तियां प्रदर्शित होंगी, भी एक मुख्य आकर्षण होगा। इस बार ओडिशा पर्व में ओडिया कलाकारों द्वारा कला वर्कशॉप तथा 18 वर्ष से कम के बच्चों के लिए चित्रकारी प्रतियोगिता की भी शुरूआत की जा रही है। इस आयोजन में ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों के हथकरघा और परिधानों पर आधारित एक फैशन शो का भी आयोजन किया जाएगा। इस शो की संकल्पना भारतीय फैशन डिजाइन परिषद के अध्यक्ष सुनील सेठी द्वारा की गई है।

फूड कोर्ट को किले के रूप में डिजाइन किया जा रहा है जो कि त्योहारों के प्रति ओडिशा की सोच ‘बारह मास तेरह पर्वÓ को प्रतिबिंबित करेगा। ओडिशा के प्रसिद्ध पाककला शो ‘पुन्टु ननांका पेट जात्राÓ के मेजबान पुन्टु नना भी फूड जोन में मौजूद रहेंगे भगवान जगन्नाथ के भोग के लिए एक विशेष स्टॉल होगा। आयोजन 9 मार्च को 4 बजे शाम से रात 10 बजे तक और 10 एवं 11 मार्च को दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहेगा। आयोजन का प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।

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