विवाद खत्म हुए आपसी, किरोड़ी की भाजपा में वापसी

विवाद खत्म हुए आपसी, किरोड़ी की भाजपा में वापसी

-भाजपा कार्यालय में भावुकतापूर्ण माहौल हुई घरवापसी

-मिस्डकॉल से बने भाजपा के सदस्य, राज्यसभा सांसद बनेंगे

जयपुर। दस साल तक भारतीय जनता पार्टी से दूर रहने के बाद रविवार को आखिरकार डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की पार्टी में वापसी हो गई। भाजपा कार्यालय में भावुकतापूर्ण माहौल में हुए आयोजित समारोह में किरोड़ी फिर से पार्टी में शामिल हुए। वे पार्टी से राज्यसभा सासंद भी बनेंगे। सोमवार को वे नामांकन दाखिल करेंगे। भाजपा मुख्यालय में मुख्यमंत्री वसुधरा राजे ने मिठाई खिलाकर किरोड़ीलाल मीणा को पार्टी में शामिल कराया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के कहने पर किरोड़ी लाल, उनकी पत्नी गोलमा देवी व सिकराय से विधायक गीता वर्मा ने मोबाइल पर मिस्ड कॉल देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इससे साथ ही उनकी पार्टी राजपा (राष्ट्रीय जनता पार्टी) का भाजपा में विलय हो गया। राजपा का विलय होने के बाद किरोड़ी, उनकी पत्नी गोलमा और सिकराय विधायक गीता देवी भाजपा के विधायक कहलाए जाएंगे। आमेर से राजपा विधायक नवीन पिलानिया ने अभी भाजपा का दामन नहीं थामा है।

घर वापसी के बाद किरोड़ी ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार में सीएम अशोक गहलोत ने मुझे उदयपुर में एक आंदोलन के दौरान जिला बदर किया, अपमानित किया। यह ऐसी पार्टी है जिसका कोई भविष्य नहीं है, कोई दूरदृष्टा नहीं है। मैं ऐसी कांग्रेस पार्टी में नहीं जाना चाहता था। राजस्थान में कांग्रेस शक्ति केंद्रों की स्थापना कर रही है। मैं सीएम से गुजारिश करना चाहूंगा कि दिल्ली भेजने की बजाए मुझे राजस्थान में घूमकर कांग्रेस के इन शक्ति केंद्रों को ध्वस्त करने की जिम्मेदारी दें। मैंने अपने जीवन में अन्याय बर्दाश्त नहीं किया, सभी समाजों के जरूरतमंदों के साथ खड़ा रहा।

डॉक्टर बनने के बाद शेखावत की पड़ी थी मुझ पर नजर

अपने राजनितिक जीवन की शुरूआत के बारे में मीणा ने बताया कि डाक्टर बनने के डेढ़ साल बाद मेरा भाजपा कार्यालय जाना हुआ। वहां चुनाव के टिकट बांटने का दौर चल रहा था। तभी भैरोसिंह शेखावत की नजर मुझ पर पड़ी। उन्होंने मुझसे चुनाव लडऩे के लिए कहा। इसके बाद मुझे महुआ से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़वाया गया। इस तरह मेरे राजनितक जीवन की शुरूआत हुई।

भावुक हुए राजे-किरोड़ी

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किरोड़ी की भाजपा में वापसी पर खुशी जताते हुए कहा, किरोड़ी और गोलमा की दिल की भावनाएं सुनकर मेरी आंखों में आंसू आ गए और मैं भावुक हो गई थी। मैं इतना ही कहना चाहती हूं। हम पहले भी एक थे और आज भी एक हैं। आपका और हमारा दिल का रिश्ता है। हमारा सक्षम और बलवान भाई घर लौटकर आया जो पार्टी के साथ पार्टी के लिए हमेशा खड़ा रहेगा। इससे पार्टी में चार चांद लग जाएंगे।

गुर्जर आंदोलन में छूटा था साथ

2007 में जब गुर्जर आंदोलन खड़ा हुआ तो गुर्जरों को एसटी में शामिल करने की तैयारी को देखते हुए किरोड़ी ने भाजपा सरकार में मंत्री पद छोड़ दिया था। 2008 में किरोड़ी ने भाजपा छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ा। पत्नी गोलमा को भाजपा के खिलाफ मैदान में उतारा। दोनों चुनाव जीते। उन्होंने पत्नी को तत्कालीन कांग्रेस सरकार में खादी ग्रामोद्योग मंत्री बनवाया।

बुढ़ापे में पत्नी को छोड़कर आखिर कैसे दिल्ली जाऊं

अपने संबोधन के दौरान मीणा ने इसको लेकर अपने मन की वेदना भी मुख्यमंत्री और प्रदेश बीजेपी नेताओं के समक्ष रखी और यह तक कह दिया कि यदि आप किसी अन्य वरिष्ठ नेता को राजस्थान से राज्यसभा में भेजना चाहे तो मेरी इसके लिए अनुमति है और मैं मीडिया के सामने आपको इसके लिए अपना समर्थन पत्र भी दे सकता हूं। मीणा ने इस दौरान मार्मिक अपील के जरीए भी अपनी बात रखने की कोशिश की और कहा कि बुढ़ापे में अपनी पत्नी गोलमा को छोड़कर आखिर कैसे जा पाउंगा फिर भी यह अत्याचार आप करना चाहे तो कैसे बर्दाश्त करूं लेकिन फिर भी जो फैसला पार्टी और आप लेंगे उसे मानूंगा क्योंकि 10 साल पहले गलती मुझसे हुई।

किरोड़ी स्वार्थवश भाजपा के डूबते जहाज में बैठे: डूडी
विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने विधायक डॉ. किरोडीलाल मीणा के भाजपा में जाने को स्वार्थी गठबंधन की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की बढ़ती शक्ति से जहां मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे विचलित हैं, वहीं डॉ. किरोडी लाल मीणा ने अपने निजी स्वार्थवश राजपा की जर्जर नाव को छोड़कर भाजपा के डूबते जहाज में छलांग लगाई है लेकिन प्रदेश की जनता इस स्वार्थी गठबंधन के अंदरूनी सच को बखूबी जानती है। डूडी ने कहा कि प्रदेश की जनता सर्वशक्तिमान है और ऐसे स्वार्थी गठजोड़ चुनावी समर में धराशायी हो जाएंगे। डूडी ने कहा कि बेहतर होता कि डॉ. किरोडीलाल मीणा प्रदेश में शोषित किसान और उपेक्षित युवा के हितों के लिए आवाज उठाते, लेकिन उन्होंने एक राज्यसभा सीट के लोभ में एक बार फिर अपने सहयोगियों, मित्रों और समाज को धोखा दिया है। डूडी ने कहा कि कांग्रेस और आदिवासी समाज का अटूट रिश्ता रहा है और भाजपा अब किसी भी नौटंकी से आदिवासियों को बरगला नहीं सकती।

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