सेवा करने के लिए पदनाम की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री

सेवा करने के लिए पदनाम की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री

-ह्रदय रोग शिविर में एक हजार रोगियों का पंजीकरण

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा है कि सेवा करने के लिए व्यक्ति को किसी पदनाम की जरूरत नहीं होती है। मन में सेवा का भाव लेकर यह कार्य किया जा सकता है। मानव सेवा अपने आप में किसी साधना से कम नहीं है। व्यक्ति को अपने जीवन में कुछ समय सेवा कार्य में जरूर लगाना चाहिए।

राजे रविवार को श्री सत्य साई अस्पताल, राजकोट द्वारा श्री सत्य साई कॉलेज, जयपुर के परिसर में आयोजित नि:शुल्क हृदय रोग निदान शिविर को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि श्री सत्य साई बाबा द्वारा बताई गई पांच चीजों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ दूसरों के जीवन में भी बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री सत्य साई के दर्शन एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का मौका उन्हें भी मिला था। मानव मात्र की सेवा के लक्ष्य के साथ जो कार्य उन्होंने किए हैं, वे कार्य कोई साधारण व्यक्ति नहीं कर सकता। उनके आदर्र्शों को अपनाते हुए सत्य, अहिंसा और प्रेम के मार्ग पर चलते हुए सभी जाति और मजहब के लोगों को एक परिवार के रूप में जोड़कर हमारे भारतवर्ष का परचम पूरी दुनिया में फहराया जा सकता है।

राजे ने जयपुर में निशुल्क हृदय रोग शिविर आयोजित करने के लिए श्री सत्य साई अस्पताल राजकोट एवं इससे जुड़े राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीपति केएस झवेरी का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से रोगियों के लिए किसी भी तरह की सुविधा प्रदान करने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने राजकोट एवं अहमदाबाद में स्थापित सत्य साई अस्पताल जैसा ही एक हॉस्पिटल राजस्थान में भी स्थापित करने का आग्रह श्री सत्य साई ट्रस्ट से जुड़े लोगों से किया, ताकि असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि ट्रस्ट इस दिशा में कदम उठाए तो राज्य सरकार इसके लिए जमीन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोगों में भी सेवाभाव की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ ऐसे नेक कार्य से उन्हें जोडऩे की है।
राजे ने इस अवसर पर पिछले 40 साल से श्री सत्य साई हॉस्पिटल, बैंगलोर में सेवाधर्म निभा रहे डॉ. पीके दास एवं राजकोट हॉस्पिटल में 17 वर्ष से हार्ट के मरीजों का इलाज करने वाली डॉ. वर्षा शाह को शॉल ओढाकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीपति केएस झवेरी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि राजस्थान में राजकोट की तर्ज पर श्री सत्य साई हॉस्पिटल स्थापित करने की दिशा में संभावनाएं तलाश कर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री को राजकोट एवं अहमदाबाद के हॉस्पिटल का दौरा करने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि राजकोट में 18 साल से संचालित श्री सत्य साई अस्पताल किसी कॉर्पोरेट हॉस्पिटल से कम नहीं है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने भी श्री सत्य साई सेवा संगठन के प्रयासों की सराहना की और चिकित्सा विभाग की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। श्री सत्य साई हॉस्पिटल, राजकोट के मैनेजिंग ट्रस्टी मनोज भिमानी ने शिविर आयोजन के लिए मुख्यमंत्री की ओर से मिले सहयोग के लिए उनकी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जयपुर में आयोजित शिविर में करीब एक हजार हृदय रोगियों की जांच होगी और जिन मरीजों को सर्जरी की आवश्यकता होगी, उन्हें राजकोट भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने शिविर का जायजा लिया
मुख्यमंत्री ने शिविर में जाकर जांच कराने आए बच्चों से मुलाकात की और उनकी हौसला अफजाई की। राजे को देखकर गोविन्दपुरा भीलवाड़ा से अपने बेटे आयुष को लेकर आया नन्दलाल भावुक हो गया। मुख्यमंत्री ने उसे सांत्वना दी और बच्चे के इलाज के लिए हर संभव सहायता देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

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