मलसीसर बांध प्रकरण:मुख्यमंत्री ने किया डॉ. राम प्रताप से लिया फीडबैक

मलसीसर बांध प्रकरण:मुख्यमंत्री ने किया डॉ. राम प्रताप से लिया फीडबैक

जयपुर। मलसीसर में कुंभाराम लिफ्ट कैनाल परियोजना का बांध टूटने के मामले को लेकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी बेहद गंभीर हैं। रविवार को जयपुर से दिल्ली जाते वक्त सीएम वसुंधरा राजे ने जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप से इस मामले में बातचीत की और निर्माण कार्य में लगी कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने तथा बहे पानी का सदुपयोग करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इस पानी को संभव हो वहां तक छोटे-छोटे पॉन्ड में डालकर सहेजने की कोशिश की जाए। साथ ही सांसद संतोष अहलावत ने भी मुख्यमंत्री को इसका फीडबैक दिया है। उधर, बांध से निकले पानी से जलमग्न हुए सरकारी कार्यालयों से भी अब धीरे-धीरे पानी नीचे उतर रहा है। कोष कार्यालय और तहसील कार्यालय के भवन अब दिखने शुरू हो गए हैं तो थाने में भी कुछ पानी उतरने से सांस में सांस आई है। पानी निकालने के लिए फिलहाल मलसीसर में दो बड़े नाले बनाए गए हैं। कुछ पानी ककड़ेऊ की तरफ निकाला जा रहा है, वहीं एक नाला मलसीसर से बाहर की तरफ बनाया गया है. इनसे भी पानी निकासी में मदद मिल रही है।

पानी से प्रोजेक्ट का कंट्रोल रूम पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। बांध से फिल्टर के लिए आने वाले पानी का टैंक भी दरक कर जमीन में धंस गया है। उसे अब तोड़कर नया बनाने के अलावा को कोई चारा नहीं रह गया है। इधर, अजमेर डिस्कॉम को भी यह हादसा बड़ा नुकसान दे गया है। नुकसान का आंकलन करने से पहले लाइन शुरू करना डिस्कॉम के लिए बड़ी चुनौती है। एमडी बीएम भामू खुद हर घंटे में पूरे मामले की समीक्षा कर रहे हैं। इसके बाद सुबह तक अलसीसर सहित अन्य इलाकों की बिजली आपूर्ति शुरू करवाई गई। वहीं 24 घंटे बीत जाने के बाद भी मलसीसर में अभी बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की जा सकी है। डिस्कॉम भी सरकार से अपना नुकसान मांगेगा। ऐसे में कंपनी पर अभी और भी आर्थिक भार पड़ेगा।
कम्पनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
बांध टूटने के मामले में प्रोजेक्ट का काम करने वाली कंपनी एनसीसी लिमिटेड के खिलाफ लापरवाही का मामला भी दर्ज करवाया गया है। बांध टूटने के बाद पीएचईडी के प्रमुख शासन सचिव रजत मिश्रा भी रविवार को मौके पर डटे रहे। उनके साथ इंजीनियरों की लंबी चौड़ी फौज भी पहुंची। इंजीनियरों की यह टीम हालात को सामान्य करने और हादसे के कारण जानने के अलावा अलग-अलग कार्य में जुटी रही। कलेक्टर दिनेशकुमार यादव ने बताया कि इस मामले में दो एक्सईएन को सस्पैंड किया गया है तथा एक एक्सईएन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया गया है। ये तीन एक्सईएन वो हैं जिन्होंने विभाग को रिपोर्ट दी थी कि सुरक्षा के लिहाज से बांध पूर्णतया सुरक्षित है। इनमें से दो एक्सईएन दिलीप तारंग तथा हरपालसिंह नेहरा को सस्पैंड कर दिया गया है। जबकि तीसरे एक्सईएन नरसिंह दत्त के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. नरसिंह दत्त दो माह पूर्व ही वीआरएस ले चुके हैं।

तीन मुख्य अभियंताओं की कमेटी करेगी जांच

बांध के टूटने के मामले की जांच तीन चीफ इंजीनियर्स की कमेटी करेगी। इसके लिए चीफ इंजीनियर्स की कमेटी का गठन कर दिया गया है। टीम जल्द से जल्द मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी। इसमें डीएम जैन जयपुर, महेश करल नागौर तथा सीएन चौहान जयपुर ग्रामीण को शामिल किया गया है। जिला कलेक्टर दिनेश यादव ने बताया कि कंपनी को नोटिस जारी कर बांध को फिर से सही कर पानी सप्लाई के लिए तैयार करने के आदेश दिए जा रहे हैं ताकि परियोजना से लाभ लेने वाले इलाकों को ज्यादा दिन इंतजार ना करना पड़े। इसके अलावा पूरे प्रोजेक्ट की एक बार फिर बारीकी से जांच करने के लिए विशेषज्ञों की टीम भी बुलाई गई है।

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