चार घण्टे तक प्रदेश में न कोई शासन था और न ही प्रबंध

चार घण्टे तक प्रदेश में न कोई शासन था और न ही प्रबंध

-अलवर में पुलिस फायरिंग, एक की मौत
-जमकर अराजकता का माहौल, प्रदेशभर में हजारों गाडिय़ों में तोडफ़ोड़
-दर्जनों रेलें रोकी, आम नागरिकों से की मारपीट
-जोधपुर में एसआई की हार्ट अटैक से मौत

प्रदेश के विभिन्न जिलों से संवाददाताओं और टीवी संचार माध्यमों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रिपोर्ट

एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान सोमवार को प्रदेश में पूरी तरह से अराजकता का माहौल हो गया। राजधानी से लेकर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जमकर हिंसा हुई। दर्जनों वाहन फूंक दिए गए। हजारों वाहनों में तोडफ़ोड़ हुई। कई जगह पथराव और आगजनी हुई। प्रदेश करीब पांच घण्टे तक भीड़तंत्र के हवाले रहा। पुलिस मूक दर्शक बनी रही। भीड़ गुण्डागर्दी पर उतरी रही। प्रदेश में एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ मीन सेना, युवा जाट महासभा, भीम आर्मी और भीम सेना आदि कई संगठन भारत बंद के आह्वान पर सड़कों पर उतरे थे।

दलित संगठनों ने भरतपुर के डीग में रोडवेज की बसों में तोडफ़ोड़ की और एक ट्रक को भी नुकसान पहुंचाया। बाड़मेर में दलित संगठनों के प्रदर्शन के दौरान तोडफ़ोड़ के बाद प्रदर्शनकारियों और व्यापारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मेड़तासिटी में पुलिस चौकी पर पथराव के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों में लाठी भाटा जंग छिड़ी और भी कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और व्यापारियों में झड़प की घटनाएं सामने आई हैं। जोधपुर में एक लोडिंग टैक्सी में सप्लाई होने जा रहा खाने का सामान लूट लिया गया। अलवर में प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर पथराव किए किए और वाहनों में तोडफ़ोड़ करते हुए उन्हें आग के हवाले कर दिया।
भारत बंद के दौरान अलवर जिले में उग्र हुई भीड़ में शामिल एक युवक की पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई है। मामला जिले के खैरथल कस्बे का है। यहां पवन नामक एक युवक के सिर में पुलिस की गोली लग गई थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खैरथल में झड़प हो रही थी। प्रदर्शनकारी यहां पुलिस पर पथराव कर रहे थे और गाडिय़ों में आग लगा रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का हवाई फायरिंग करनी पड़ी। लेकिन भीड़ ने थाने में गाडिय़ों में आग लगाना जारी रखा। इसी बीच पवन नाम के एक युवक को पुलिस की गोली लग गई। प्रदर्शन को हिंसक होते देख कई शहर व कस्बों में धारा 144 लागू कर दी गई, वहीं तीन जिलों में इंटरनेट भी बैन कर दिया गया है।

भारत बंद के दौरान प्रदेशभर में दिन चढऩे के साथ साथ प्रदर्शनकारी उग्र होते गए। प्रदेशभर में विभिन्न जगहों पर दर्जनों वाहन फूंक दिए गए। दुकानों में लूटपाट और पथराव किया गया। कुछ जगह पर भारत बंद कराने वाले और बंद का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों के बीच आपस में जोरदार झड़पें हो गईं। उग्र प्रदर्शन में कई लोग व पुलिसकर्मी घायल हो गए। कई जगह आगजनी की घटनाएं हुईं हैं। जालोर जिले के सांचोर, बाड़मेर के सिवाना, करौली के हिंडौनसिटी और बाड़मेर शहर में धारा 144 लगाई गई। वहीं सीकर, बाड़मेर और अलवर में अलग-अलग समय तक के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। अलवर में एनईबी थाने के बाहर वाहनों में आग लगाए जाने की घटना के बाद जिला कलक्टर राजन विशाल ने इंटरनेट सेवा बंद करने के आदेश दे दिए। अलवर में ढाई बजे से रात 8 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद रहेगी। सीकर में हालात को देखते हुए पूरे जिले इंटरनेट बंद करवा दिया गया है। संभागीय आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि जयपुर संभाग के अन्य जिलों से भी जानकारी मंगवाई जा रही है. अगर जरुरत पड़ी तो अन्य जगह भी इंटरनेट पर रोक लगाई जाएगी। बाड़मेर में हिंसक झड़पों के बाद प्रशासन ने जिले में मंगलवार रात आठ बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद करवा दी है। बीकानेर में भी हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए इंटरनेट सेवा बंद किए जाने पर विचार विमर्श किया जा रहा है। संभाग के चारों जिलों में बंद की जा सकती है इंटरनेट सेवा। प्रदेशभर में उग्र प्रदर्शन अभी जारी है।

बाड़मेर में हिंसक हुई भीड़, पुलिस ने किया लाठीचार्ज बाड़मेर में भारत बंद के आह्वान पर दलित संगठनों के प्रदर्शन के दौरान तोडफ़ोड़ के बाद प्रदर्शनकारियों और व्यापारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। बेकाबू भीड़ ने दुकानों पर पथराव शुरू कर दिया गया जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें खदेड़ा गया, जिसके बाद से प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे 68 पर जाम लगा दिया है। तोडफ़ोड़, पथराव के बाद शहर में हालात तनावपूर्ण हो गए। शहर में प्रदर्शन के दौरान जबरन दुकानें बंद करावाने के बाद माहौल बिगड़ा। चौहटन चौराहे पर लाठीभाटा जंग छिड़ गई। पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

रेलवे स्टेशन में घुसे, रेले रोकीं
मेड़तासिटी और डेगाना रेलवे स्टेशनों में प्रदर्शनकारी घुसकर प्रदर्शन किया और रेलवे यातयात बाधित कर दिया। राजधानी जयपुर में भी गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर पटरियों पर एकत्र हो गए। बीकानेर और अलवर में भी रेलें रोकी गईं।

जोधपुर में मौके एसआई की हार्ट अटैक से मौत

जोधपुर में भारत बंद के दौरान प्रदर्शन और पथराव के बीच पुलिस सब इंस्पेक्टर को हार्ट अटैक आ गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। दलित संगठनों से जुड़े युवकों ने जमकर उत्पात मचाया। कई जगह तोडफ़ोड़, पथराव और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया। इसी दौरान उपद्रवियों के बीच समझाइश और शांति बनाए रखने की अपील कर रहे पुलिस सब इंस्पेक्टर महेंद्र चौधरी को हार्ट अटैक आ गया। प्रदर्शन और पथराव के दौरान उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया जहां जहां इलाज के दौरान आईसीयू में उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार शहर भर से पथराव और उपद्रव की सूचनाएं आ रही थी। इसी दौरान सब इंस्पेक्टर महेंद्र चौधरी ड्यूटी पर प्रदर्शनकारियों पर नजर रखे हुए थे। तभी उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार चिकित्सालय पहुंचने तक महेंद्र चौधरी का शरीर नीला पड़ चुका था। डाक्टरों ने डीसी शॉर्ट लगाकर धड़कनें चालू की। उनकी तबियत की खैरियत जानने पुलिस कमीश्नर अशोक राठौड़ भी अस्पताल पहुंचे थे।

रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित

अनुसूचित जाति/जनजाति द्वारा भारत बंद के दौरान रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उत्तर पष्चिम रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी तरूण जैन के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे पर गाड़ी संख्या 12404, जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस गाड़ी सोमवार को जयपुर से प्रस्थान करने वाली रेलसेवा अलवर से संचालित हुई। गाड़ी संख्या 12016, अजमेर-नई दिल्ली शताब्दी गाड़ी सोमवार को अजमेर से प्रस्थान करने वाली रेलसेवा खैरथल से संचालित होगी अर्थात् यह रेलसेवा अजमेर-खैरथल के मध्य आंशिक रद्द रही। गाड़ी संख्या 12403, इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस गाड़ी जो इलाहाबाद से आ रही थी उसे अलवर तक ही चलाया गया। गाड़ी संख्या 54703, अबोहर-जोधपुर सवारी गाड़ी अबोहर से प्रस्थान करेगी वह रेलसेवा बनाड तक संचालित होगी अर्थात् यह रेलसेवा बनाड-जोधपुर के मध्य आंशिक रद्द रही। गाड़ी संख्या 54704, जोधपुर-भटिण्डा सवारी गाड़ी जोधपुर के बजाय बनाड से संचालित हुई। गाड़ी संख्या 74838, पालनपुर-जोधपुर सवारी गाड़ी भगत की कोठी तक ही संचालित हुई। गाड़ी संख्या 74839, जोधपुर-बाड़मेर गाड़ी भगत की कोठी से ही संचालित हुई। गाड़ी संख्या 12404, जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 19717, जयपुर-चण्डीगढ़ एक्सप्रेस सोमवार को रद्द कर दी गई। गाड़ी संख्या 19718, चण्डीगढ़-जयपुर एक्सप्रेस मंगलवार को रद्द रहेगी। गाड़ी संख्या 12015, नई दिल्ली-अजमेर शताब्दी गाड़ी नई दिल्ली से रवाना होकर खैरथल तक ही संचालित हुई। गाड़ी संख्या 14809, जैसलमेर-जोधपुर एक्सप्रेस गाड़ी राई का बाग तक संचालित हुई। गाड़ी सं 74838, भीलड़ी-जोधपुर रेलसेवा भगत की कोठी तक ही संचालित हुई। गाड़ी संख्या 15016, अजमेर-नई दिल्ली शताब्दी गाड़ी, गाड़ी संख्या 51974, जयपुर-मथुरा सवारी गाड़ी सोमवार को रद्द रही। गाड़ी संख्या 59721, जयपुर-हिसार सवारी गाड़ी जो सोमवार को अलवर तक ही संचालित हुई। गाड़ी संख्या 59722, हिसार-जयपुर सवारी गाड़ी वह भी अलवर से संचालित हुई। गाड़ी सं 54792, भिवानी-अलवर सवारी गाड़ी खैरथल तक ही संचालित हुई। गाडी सं 54791, मथुरा-भिवानी सवारी गाड़ी रेवाड़ी से संचालित हुई। गाड़ी संख्या 14807, जयपुर-अलवर एक्सप्रेस बांदीकुई तक ही चली। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 14808, अलवर-जयपुर एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 04807, अलवर-खैरथल स्पेशल रेलसेवा, गाड़ी संख्या 04808, खैरथल-अलवर स्पेशल रेलसेवा सोमवार को रद्द रही।

क्यों है आंदोलन

दरअसल, देश भर में यह बवाल 21 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एससी/एसटी एक्ट 1989) को लेकर सुनाए गए फैसले के विरोध में हो रहा है। कोर्ट के इस फैसल के तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी सिर्फ सक्षम अथॉरिटी की इजाजत के बाद ही हो सकती है। जो लोग सरकारी कर्मचारी नहीं है, उनकी गिरफ्तारी एसएसपी की इजाजत से हो सकेगी। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया गया है कि गिरफ्तारी की इजाजत लेने के लिए उसकी वजहों को रिकॉर्ड पर रखना होगा।

दर्जनों पुलिसकर्मी घायल, उपद्रवियों के खिलाफ होंगे मुकदमे दर्ज

राजस्थान के डीजीपी ओ पी गल्होत्रा ने एससी-एसटी एक्ट मामले में भारत बंद के बाद हुई हिंसा के बारे में कहा कि अब हालात नियंत्रण में है। जिन्होंने तोडफ़ोड़ की कानून व्यवस्था खराब की उनपर कार्रवाई होगी पुलिस उनपर मुकदमे दर्ज करेगी।
डीजीपी ओपी गल्होत्रा ने बताया कि हनुमानगढ़, जोधपुर, बीकानेर और भरतपुर संभाग में सबसे ज्यादा असर रहा, जिसे पुलिस ने संभाल लिया है। गल्होत्रा के अनुसार सोमवार को हिंसा करने वाले लोगों की शिनाख्त की जाएगी और उन पर कानूनी धाराओं के अनुसार मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। डीजीपी ने एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि अलग-अलग जगह करीब 2 दर्जन पुलिस वाले भी घायल हुए हैं। पुलिस ने पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में उपद्रव करने वालो को गिरफ्तार भी किया है।

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