प्रतिक्रिया: हिंडौन में भीड़ ने दो दलित नेताओं के घर में की आगजनी, शहर में कफ्र्यू

प्रतिक्रिया: हिंडौन में भीड़ ने दो दलित नेताओं के घर में की आगजनी, शहर में कफ्र्यू

-हॉस्टल में तोडफ़ोड़, मॉल में लगाई आग

जयपुर। दलित संगठनों के भारत बंद के खिलाफ दूसरे दिन हुई क्रिया की प्रतिक्रिया में मंगलवार को भीड़ ने हिन्डौन शहर में तोडफ़ोड़ और आगजनी की। भीड़ ने दो दलित नेताओं के घर फूंक दिए। हिंडौन सिटी विधायक राजकुमारी जाटव और पूर्व विधायक भरोसी लाल जाटव के घर आगजनी की गई। इसके अलावा दलित समाज के हॉस्टल में तोडफ़ोड़ की गई और कमर्शियल बिल्डिंग को आग के हवाले कर दिया गया। सोमवार को भारत बंद के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन में कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय लोग और व्यापारी शहर के चौपड़ सर्किल पर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन उग्र हुआ तो भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और रबड़ की गोलियां चलानी पड़ीं।

इसके बाद भीड़ राजकुमारी जाटव और भरोसी लाल के घर पहुंची और वहां खड़ी गाडिय़ों में आग लगा दी। इसके अलावा एक कमर्शियल इमारत में भी भीड़ ने आगजनी की। घटना की सूचना मिलने पर आईजी रेंज भरतपुर आलोक वशिष्ठ ने मौके पर पहुंचे। हालात देखते हुए शहर में कफ्र्यू लगा दिया गया है। पुलिस फोर्स तैनात की गई है।

सोमवार को लूटी थी दुकानें

सोमवार को दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान बंद समर्थकों ने उपद्रव किया था। उपद्रवियों ने दुकानें लूट ली और जमकर तोडफ़ोड़ की। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित रहियाशी इलाकों सहित बाजार और बैंकों में भी तोडफ़ोड़ की गई। करीब दो दर्जन बसों और रेलवे स्टेशन पर टिकट विंडो में आग लगा दी गई। उपद्रवियों ने पुलिसवालों की जमकर पिटाई की, जिसमें कई घायल हो गए थे।

अलवर में पुलिस फायरिंग में मारे गए युवक के परिजनों को मिलेगा 5 लाख का मुआवजा, हुआ पोस्टमार्टम

अलवर। जिले में 2 अप्रेल को एससी-एसटी एक्ट मामले में भारत बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों के द्वारा किए गए पुलिस पर पथराव, तोडफ़ोड़ के बाद खैरथल और एनईबी थाने में वाहनों में आग लगाने के बाद पुलिस फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया और अस्पताल में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। मृतक के परिजन सरकार से 1 करोड़ रुपए के मुआवजे और मृतक को शहीद घोषित कर खैरथल में मूर्ति लगाने की मांग कर रहे थे। प्रशासन के द्वारा मंगलवार को दलित समाज के लोग और मृतक के परिजनों से सुबह 11 बजे प्रथम दौर की वार्ता की गई जो विफल हो गई। वार्ता के दौरान भाजपा विधायक जयराम जाटव और कांग्रेस जिला अध्यक्ष टीकाराम जुली और परिजनों में कहासुनी हो गई और जमकर हंगामा हो गया। इसके बाद वार्ता विफल हो गई। इसके बाद जिला कलेक्टर व एसपी के साथ दूसरे दौर की वार्ता सर्किट हाउस में हुई। जिसमें दोनों पक्षों पर सहमति बनने के बाद परिजन मृतक का पोस्टमार्टम करने के लिए सहमत हो गए। इसके बाद मेडिकल बोर्ड के द्वारा मृतक पवन कुमार का पोस्टमार्टम किया गया।

जोधपुर में एसआई चौधरी की मौत

राजस्थान पुलिस के सब इंस्पेक्टर महेंद्र चौधरी की मंगलवार को जोधपुर से अहमदाबाद ले जाने के दौरान मौत हो गई। चौधरी को भारत बंद के दौरान ड्यूटी पर हार्ट अटैक आया था। उनका इलाज जोधपुर में चल रहा था लेकिन तबियत में सुधार नहीं होने पर मंगलवार दोपहर उन्हें अहमदाबाद रेफर कर दिया गया। रास्ते में चौधरी ने दम तोड़ दिया। सोमवार को दलित संगठनों के बंद व उत्पात के दौरान उपद्रवियों के बीच समझाइश और शांति बनाए रखने की अपील कर रहे पुलिस सब इंस्पेक्टर महेंद्र चौधरी को हार्ट अटैक आ गया। प्रदर्शन और पथराव के दौरान उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।

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