कठुआ-उन्नाव केस पर प्रधानमंत्री ने तोड़ी चुप्पी: बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा

कठुआ-उन्नाव केस पर प्रधानमंत्री ने तोड़ी चुप्पी: बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा

विभिन्न टीवी चैनल्स से प्राप्त रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार कठुआ और उन्नाव गैंगरेप मामले में चुप्पी तोड़ दी है। गैंगरेप की दोनों घटनाओं पर पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से पूरा देश शर्मसार है। बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा। न्याय दिलाना हमारी जिम्मेदारी है।

पीएम मोदी नई दिल्ली में डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक के लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह की घटनाएं हमने बीते दिनों में देखीं हैं, वो सामाजिक न्याय की अवधारणा को चुनौती देती हैं। पिछले 2 दिनों से जो घटनाएं चर्चा में हैं वो निश्चित रूप से किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक हैं। एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार हैं।

उन्होंने कहा कि देश के किसी भी राज्य में, किसी भी क्षेत्र में होने वाली ऐसी वारदातें, हमारी मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती हैं। मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कोई भी अपराधी बचेगा नहीं, न्याय होगा और पूरा होगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे समाज की इस आंतरिक बुराई को खत्म करने का काम, हम सभी को मिलकर करना होगा। उन्होंने कहा कि मैंने तो लाल किले से बोलने का साहस किया था कि लड़की से नहीं, लड़कों से पूछो। हमें पारिवारिक व्यवस्था, सामाजिक मूल्य से लेकर न्याय व्यवस्था तक, सभी को इसके लिए मजबूत करना होगा, तभी हम बाबा साहेब के सपनों का भारत बना पाएंगे, न्यू इंडिया बना पाएंगे।

दुष्कर्म के दोषियों को सरेआम दी जाए फांसी या मार दी जाए गोली- भाजपा सांसद

उन्नाव व कठुवा दुष्कर्म के मामलों पर जमकर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को इन दुष्कर्म के मामलों पर मोदी सरकार को घेरने के लिए इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला। हालांकि भाजपा नेता भी दुष्कर्म के आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की बात कर रहे हैं। असम से भाजपा सांसद आरपी शर्मा ने तो दोषियों के लिए फांसी की मांग कर दी है। वहीं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फांसी की सजा देने की बात कही है। आरपी शर्मा ने कहा, दुष्कर्म के दोषियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतनी चाहिए। ऐसे दोषियों को आम जनता के सामने फांसी पर लटका देना चाहिए या फिर सरेआम गोली मार देनी चाहिए। अगर कोई भाजपा नेता भी दुष्कर्म का दोषी पाया जाता है, तो उसे भी जनता के सामने मौत देनी चाहिए।
इधर केंद्रीय महिला व बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी शुक्रवार को चंदौली जिले में एक दिवसीय समीक्षा बैठक में प्रतिभाग करने पहुंचीं थीं। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप निंदनीय घटना है। देश के किसी भी कोने में 12 साल या इससे कम आयु की बच्ची के साथ ऐसी शर्मनाक घटना होती है तो पाक्सो एक्ट के बजाय सीधे मौत की सजा का प्रावधान हो। सरकार के समक्ष वह स्वयं ये प्रस्ताव रखेंगी। उन्नाव काड पर कहा कि प्रदेश व केंद्र सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामले में सरकार को कठघरे में खड़ा करना गलत है।

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