गहलोत ने बुलाई मीटिंग, पायलट ने की चीटिंग

गहलोत ने बुलाई मीटिंग, पायलट ने की चीटिंग

-29 अप्रेल को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली रैली की तैयारियों के लिए थी बैठक

रोशनलाल शर्मा

जयपुर। एआईसीसी के संगठन महासचिव के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा सोमवार को दिल्ली में बुलाई गई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने जाना जरूरी नहीं समझा। पायलट ने जयपुर में जिलाध्यक्षों की बैठक बुला ली और इसके बहाने से वे दिल्ली में नहीं गए।

दरअसल कांग्रेस केन्द्र सरकार की नाकामियों पर उसे घेरने के लिए 29 अप्रेल को नई दिल्ली में एक बड़ी रैली करने जा रही है। इस रैली को सफल बनाने की रणनीति बनाने के लिए दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बैठक बुलाई थी। इस बीच राहुल गांधी का अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा बन गया और इसकी जानकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट को भी थी। राहुल गांधी की अनुपस्थिति में यह बैठक प्रभारी महासचिव होने के नाते अशोक गहलोत को लेनी थी। संभवत: सचिन पायलट अशोक गहलोत की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जाना उचित नहीं समझ रहे थे और उन्होंने जयपुर में जिलाध्यक्षों की बैठक के बहाने दिल्ली की बैठक से दूरी बना ली। रविवार देर रात सचिन पायलट ने अपने स्थान पर कांगे्रस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश उपाध्यक्ष मुमताज मसीह को अपना प्रतिनिधि बनाकर दिल्ली भेज दिया। उन्होंने एआईसीसी में मसीह को भेजे जाने के बारे में जानकारी दे दी थी। इस बैठक में कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता और कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा, एआईसीसी के सभी जनरल सेकेट्री, और विभिन्न प्रदेशों के प्रदेशाध्यक्ष मौजूद थे।

प्रश्न यह है कि…

सचिन पायलट के दिल्ली की इस बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर गहलोत खेमे के नेताओं ने प्रश्न उठाए हैं। कई कांग्रेस नेताओं का कहना है कि क्या राहुल गांधी स्वयं ये बैठक लेते तो सचिन पायलट नहीं जाते? वे अवश्य जाते। लेकिन चूंकि उन्हें जानकारी थी कि राहुल के स्थान पर गहलोत बैठक लेने वाले हैं तो उन्होंने इस बैठक में जाना मुनासिब ही नहीं समझा।

जयपुर में जिलाध्यक्षों की बैठक

पायलट गुट के कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जयपुर में जिलाध्यक्षों की बैठक थी और ये पहले से तय थी। इस बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली से प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे और एआईसीसी के चारों प्रभारी सचिव मौजूद थे। इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट दिल्ली नहीं पहुंचे। जिलाध्यक्षों की यह मीटिंग भी 29 अप्रेल को दिल्ली में होने वाली रैली के लिए ही बुलाई गई थी। दोनों बैठकों का उद्देश्य एक ही था। लेकिन इस प्रश्न का किसी के पास जवाब नहीं है कि राहुल गांधी बैठक लेते तो क्या पायलट नहीं जाते?

इनका कहना है…

ये कोई मुद्दा नहीं है। एआईसीसी में हुई बैठक में राजस्थान ही नहीं बल्कि हरियाणा और मध्यप्रदेश सहित करीब पांच राज्यों के प्रदेशाध्यक्ष नहीं थे। इसी प्रस्तावित रैली के लिए जिन राज्यों में जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई थी, उन राज्यों के प्रदेशाध्यक्षों का वहां रहना जरूरी था।
-मुमताज मसीह, उपाध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस कमेटी

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