राजस्थान ने योग अपनाकर स्वस्थ जीवन के रास्ते पर चलना शुरू किया: राजे

राजस्थान ने योग अपनाकर स्वस्थ जीवन के रास्ते पर चलना शुरू किया: राजे

गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय भवन का शिलान्यास

बांसवाड़ा। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा है कि राजस्थान ने योग को अपनाकर स्वस्थ जीवन के रास्ते पर चलने का काम शुरू कर दिया है। पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग योग करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि योग देश-दुनिया में जिस तरीके से अब फैला है उसका श्रेय स्वामी रामदेव को जाता है।

राजे गुरुवार को बासंवाड़ा में गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के भवन के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं। इस दौरान उन्होंने पतंजलि योग पीठ द्वारा आयोजित नि:शुल्क योग चिकित्सा एवं ध्यान शिविर में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग जैसी स्वास्थ्य बढ़ाने वाली जिस परम्परा और प्रक्रिया को हम भूल गए थे, आज उसका लोहा पूरी दुनिया मानती है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव ने इसको दूर तक ले जाने का काम किया है। प्रधानमंत्री ने यूएन के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा करते हुए योग को पूरी दुनिया तक पहुंचाया।

योग शिविर और शिलान्यास कार्यक्रम में ध्यानयोगी उत्तम स्वामी महाराज, राधेश्याम महाराज, कमलेश भाई शास्त्री, बालयोगी, घनश्यामजी महाराज, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी, सांसद मानशंकर निनामा, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज्यमंत्री धनसिंह रावत, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग राज्यमंत्री सुशील कटारा, विधायक नवनीतलाल निनामा और जीतमल खांट, नगरपरिषद सभापति मंजूबाला पुरोहित, संभागीय आयुक्त भवानीसिंह देथा, आईजी आनंद श्रीवास्तव, कुलसचिव सोहनसिंह, समाजसेवी मनोहर त्रिवेदी, अशोक जैन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

विश्वविद्यालय ने की अच्छी शुरूआत

मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए इस बात पर खुशी जताई कि विश्वविद्यालय द्वारा स्थापना के साथ ही अच्छी शुरूआत कर ली है और यहां कॉलेजों की संबद्धता की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद लगभग एक लाख छात्र-छात्राएं इससे जुड़ चुके हैं। यहां पर 300 शोधार्थी पीएचडी कर रहे हैं, जिनमें से 140 बच्चे जनजाति वर्ग के हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इसके भवन की स्थापना के लिए जमीन देने के साथ शुरूआती बजट का आवंटन भी कर दिया है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन को इस विश्वविद्यालय भवन के निर्माण के लिए टाईमलाईन देने के भी निर्देश दिए और विश्वास जताया कि यह कुछ ही दिनों में विश्वविद्यालय भवन खड़ा हो जाएगा।

आमजन है देवी-देवता

राजे ने कहा कि वास्तविक देवी-देवता तो इस जमीन पर रहने वाले आमजन हैं और उन्हें स्वयं उनकी सेवा करने में ही बहुत मजा आता है। उन्होंने कहा कि देवीकृपा से इस क्षेत्र के लिए पैसे की कमी नहीं रही है और यह बात खुशी से कही जा सकती है कि कोई भी पंचायत ऐसी नहीं है, जहां कम से कम पांच करोड़ रुपये नहीं लगे हों।

ऋण माफी से लाखों किसानों को मिला फायदा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त और विकास सहकारी निगम के द्वारा 1980 एवं 81 में बकाया 2 लाख रुपये तक का ऋण और उसका ब्याज माफ कर दिया है। इस योजना का पूरे प्रदेश में 20 हजार तथा अकेले बांसवाड़ा जिले में पांच हजार लोगों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बजट में घोषित लघु एवं सीमांत कृषकों के 50 हजार रुपए की ऋण माफी योजना से पूरे राजस्थान में 30 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। राजे ने कहा कि सरकार ने जनजाति उपयोजना क्षेत्र में 25 हजार कुओं को गहरा कराने का काम भी लिया है, जिसमें से 4 हजार का कार्य पूर्ण हो चुका है। 15 मई तक अन्य पांच हजार कुओं का कार्य भी पूरा हो जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

जीवनदायिनी बनेंगी माही नहरें

मुख्यमंत्री ने बताया कि माही नहरों के जीर्णोद्धार के लिए सरकार द्वारा 170 करोड़ रुपये दिए हैं और इसका काम शुरू भी हो गया है। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद ये नहरें जीवनदायिनी बनेंगी। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे इस कार्य की गुणवत्ता का ध्यान रखें, ताकि इनके माध्यम से हर जगह पानी पहुुंचाया जा सके।

विश्वविद्यालय परिसर के लिए 146 बीघा भूमि आवंटित

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी ने स्वागत उद्बोधन के दौरान बताया कि गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय को राज्य सरकार द्वारा 146 बीघा भूमि का आवंटन और भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। इसके लिए प्रो. सोडाणी ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा राज्य में पहली बार परीक्षा केन्द्रों तक ऑनलाईन पेपर भिजवाने की व्यवस्था की गई है और मूल्यांकन के लिए भी ऑनलाईन व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से आरएएस तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग देने की भी व्यवस्था है।

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