राजस्थान में तो वसुन्धरा को ही चलेगी, साबित हुई आयरन लेडी

राजस्थान में तो वसुन्धरा को ही चलेगी, साबित हुई आयरन लेडी

-भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व नहीं कर पा रहा फैसला

जयपुर। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के मसले पर एक बार फिर मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने साबित कर दिया है कि राजस्थान में तो उनके हिसाब से ही पार्टी को अध्यक्ष तय करना होगा। यही कारण है कि भाजपा के निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी के इस्तीफा देने के ग्यारह दिन बाद भी भाजपा हाईकमान प्रदेश में अध्यक्ष पद पर नियुक्ति नहीं कर पा रहा है।

हाईकमान को भी इस बात का इल्म है कि राजस्थान में यदि वसुन्धरा राजे की इच्छा के विपरीत किसी को भी जिम्मेदारी दी तो फिर स्थितियां पार्टी के पक्ष में नहीं रहेंगी। यह भी अपने आप में सही है कि राजस्थान में वसुन्धरा राजे के अलावा भाजपा के पास कोई चेहरा नहीं है। इसलिए अन्तत: भाजपा को मुख्यंमत्री वसुन्धरा राजे की पसन्द का ही कोई व्यक्ति अध्यक्ष पद पर बिठाना होगा अन्यथा मुख्यमंत्री की आने वाले चुनावों को लेकर पार्टी के प्रति कोई जवाबदेही और जिम्मेदारी नहीं होगी। गौरतलब है कि प्रदेश में भाजपा के करीब 161 विधायक हैं और उनमें से सौ विधायक मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के प्रबल समर्थक हैं। ऐसे में हाईकमान ने जल्दबाजी में कोई फैसला कर दिया तो प्रदेश भाजपा में फूट भी पड़ सकती है।

वसुंधरा और प्रदेश बीजेपी ने यह साफ कर दिया राजे मतबल राजस्थान। यही कारण है बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को वसुंधरा राजे ने यह बता दिया कि राजस्थान मेरा है और मेरे पास पूरी ताकत भी है। एक सप्ताह से ऊपर का वक्त बीत गया, लेकिन प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष के नाम पर मुहर नहीं लग पाई है। विरोधी भी इस पर खूब तंज कस रहे है। लेकिन इन सब के बीच प्रदेश की मुखिया वसुंधरा राजे भी है जो अपनी इच्छा से तस से मस नहीं हो रही हंै।

सही भी है कि राजे ही राजस्थान भाजपा हैं वे ही राजस्थान में भाजपा का चेहरा हैं और पार्टी के 70 प्रतिशत विधायक/मंत्री उनके साथ है। यहीं कारण है कि अब अमित शाह ने इस पूरे निर्णय को कर्नाटक चुनाव के परिणाम तक टालने की बात कही है। बताया जा रहा है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से असंतुष्ट अन्य राज्यों के नेताओं ने भी वसुंधरा राजे को अपना समर्थन दिया है, हालांकि ऐसा कोई नेता अभीतक खुलकर सामने नहीं आया है।

मोदी-शाह की जोड़ी के सामने जहां पूरे देश में भाजपा के अधिकांश नेता आदेश मानने वालों की भूमिका में है वहीं राजे अपने रुख पर अडिग है। वे आयरन लेडी बनकर उभरी हैं। शायद इसीलिए जब राजे गुरुवार को भाजपा मुख्यालय से निकल रही थी, तो पत्रकारों के सवाल पूछने पर बोली, मेरा चेहरा देखिए, काफी कुछ समझ जाएंगे। राजे का संदेश साफ था कि वे भाजपा नेतृत्व के सामने अपनी बात मनवाने में सफल रही है।

बाड़मेर में पीएम मोदी ने की थी तारीफ

जनवरी में रिफाइनरी के कार्य शुभांरभ के दौरान पीएम मोदी ने मंच से राजे की जमकर तारीफ की थी। पीएम मोदी ने जनसभा को जिस अंदाज में संबोधित किया था। राजनीतिक विश्लेषक आगामी विधानसभा के लिए चुनावी बिगुल करार दे रहे थे। वसुंधरा के कामकाज की पीएम के जरिए की गई तारीफों को भी आगामी चुनाव के मद्देनजर देखा जा रहा था। साथ ही वसुंधरा राजे को ही अगले सीएम के रूप में प्रोजेक्ट करने की बात कही जाने लगी थी।

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