मुख्यमंत्री राजे पहुंची तूफान पीडि़तों के पास, बंधाया ढाढस, दिए निर्देश

मुख्यमंत्री राजे पहुंची तूफान पीडि़तों के पास, बंधाया ढाढस, दिए निर्देश

धौलपुर/भरतपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को भरतपुर और धौलपुर जिले के तूफान प्रभावित इलाकों का दौरा किया। सीएम राजे हैलीकॉप्टर के जरिए पहले भरतपुर के डीग पहुंची उसके बाद बसेड़ी में मृतकों के परिजनों से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शुक्रवार को 2 मई को तूफान के दौरान मारे गए मृतकों के परिजनों से मिलने भरतपुर के डीग उपखंड के गांव जनूथर में हेलीकॉप्टर के जरिए पहुंची। सीएम राजे ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि 2 मई को प्रदेश में आए आंधी-तूफान की विभीषिका के पीड़ितों के साथ राज्य सरकार और पूरा राजस्थान खड़ा है। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोग अकेले नहीं हैं और सरकार उनकी हरसंभव सहायता करेगी।

श्रीमती राजे ने शुक्रवार को भरतपुर जिले की जनूथर गांव जाकर तूफान में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सांत्वना दी। यहां से वे धौलपुर जिले की बसेड़ी ग्राम पंचायत के लेबडे का पुरा गांव पहुंचीं तथा तूफान के कारण हुए अग्निकांड के पीड़ित परिवारो से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी (रेड अलर्ट) मिलने पर तत्काल आमजन को इसकी सूचना और बचाव के उपाय के संबंध में व्यापक जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव दल के सदस्यों को भी ऎसे अलर्ट की जानकारी जल्द से जल्द देकर उन्हें प्रभावितों की मदद के लिए रवाना किया जाए, ताकि जान-माल की हानि को रोका जा सके। उन्होंने तूफान में जान गंवाने वाले जनूथर के श्री संजय कोली, श्री चन्द्रवीर जाट एवं श्री तेजवीर जाट के निवास पर पहुंचकर दिवंगतों के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इससे पहले चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री कालीचरण सराफ ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता के लिए 4-4 लाख रूपये की राशि के चेक सौंपे।
पीड़ितों को श्रीमती राजे देंगी 5 लाख रुपये की व्यक्तिगत मदद 
श्रीमती राजे ने धौलपुर के लेबडे का पुरा गांव में भीषण गर्मी में पैदल चलकर पूरे गांव का दौरा किया और अग्निकांड में जले मकानों के नुकसान का जायजा लिया। गांव में हुई तबाही को देखकर मुख्यमंत्री स्वयं भावुक हो गईं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि सरकार आपकी हरसम्भव मदद करेगी। श्रीमती राजे ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हो। आप लोगों को कोई कष्ट होता है, तो उसका दर्द सीधे मुझे महसूस होता है। पूरी सरकार आपके साथ खड़ी है। आप लोगों के उचित पुनर्वास की जिम्मेदारी मेरी है। उन्होंने जिला कलक्टर को निर्देश दिए कि व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं में पीड़ित परिवारों को प्राथमिकता से लाभान्वित करें। श्रीमती राजे ने व्यक्तिगत रूप से 5 लाख रूपये पीड़ितों को देने की घोषणा की।
शादी के लिए दो बेटियों को 55-55 हजार रु. की सहायता
अग्निकांड में जान गंवाने वाले श्री केदारसिंह की 2 पुत्रियों पुष्पा और पिंकी की 11 मई को शादी है। मुख्यमंत्री ने दोनों बेटियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें सांत्वना दी। श्रीमती राजे को जब पता चला कि शादी के लिए खरीदे गये उपहार और सामान अग्निकांड में जल गये हैं, तो उन्होंने शुभ शक्ति योजना में दोनों बेटियों को 55-55 हजार रूपये की सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। आपदा राहत में मिल रही सहायता इसके अतिरिक्त है। श्रीमती राजे ने जिला कलक्टर को दोनों बेटियों की शादी में समाज की ओर से भी सहायता दिलवाने के प्रयास करने को कहा।

श्रीमती राजे के आह्वान पर स्थानीय भामाशाहों ने पीड़ित परिवारों को नकद सहायता राशि सहित अन्य मदद देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने लेबडे का पुरा में 29 पीड़ित परिवारों को आपदा राहत कोष से सहायता राशि के स्वीकृति आदेश दिए तथा जिला कलक्टर को निर्देश दिए कि आपदा राहत और पुनर्वास कार्यों की वह स्वयं निगरानी करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *