जयपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर 26 सौ करोड़ का हो रहा है घोटाला: खाचरियावास

जयपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर 26 सौ करोड़ का हो रहा है घोटाला: खाचरियावास

-घोटाले की लोकायुक्त और एसीबी में शिकायत दर्ज कराएगी कांग्रेस

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं जयपुर जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि राजधानी जयपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर राज्य सरकार और नगर निगम मिलकर बहुत बडे घोटाले को अंजाम दे रहे है। 2600 करोड़ रूपये के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की राशि में तो एक नया शहर बसाया जा सकता है लेकिन यहां तो भ्रष्टाचार के सारे कीर्तिमान तोड़ दिये गये हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में वर्षों पुराने गुलाबी रंग पर नया रंग किया जा रहा है, पुराने पत्थरों को उखाड़कर घटिया क्वालिटी के नये पत्थर लगाये जा रहे हैं, बेवजह चित्रकारी और हैरिटेज के नाम पर कई सौ करोड़ रुपए बर्बाद कर दिये गये हैं।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में राजधानी जयपुर की चारदीवारी में कोई मूलभूत परिवर्तन नहीं किया जा रहा है, सिर्फ रंग-रोगन और पत्थरों को उखाडऩे, नयी जालियां लगवाने और साज-सज्जा के नाम पर जनता की खून-पसीने की कमाई का पैसा जो टैक्स के रूप में सरकारी खजाने में जमा हुआ है वो बेवजह पानी की तरह बहाया जा रहा है। अधिकतर पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का पैसा नगर निगम के जरिये खर्च किया जा रहा है। सभी जानते हैं कि जयपुर नगर निगम भ्रष्टाचार का बड़ा अडडा बनकर रह गया है, वहां पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के जरिये जिस तरह जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है, उसकी जांच कराने के लिये कांग्रेस पार्टी लोकायुक्त में शिकायत दर्ज करायेगी तथा इस मामले में जब कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी तो सारे प्रकरण की जांच कराई जाकर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।

खाचरियावास ने कहा कि मूलभूत आवश्यकताओं के लिये जयपुर की जनता तरस रही है, सड़कों के खड्डे साढ़े चार वर्ष में सरकार नहीं भर पाई, जिसके कारण अकेले जयपुर शहर में सैकड़ों लोगों की मौत सडक दुर्घटनाओं में हो गई। यह बहुत ही गंभीर मामला है और इस मामले में कांग्रेस पार्टी चुप नहीं रहेगी।

खाचरियावास ने कहा कि वे स्वयं स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार को देखने के लिये सभी प्रोजेक्टों का दौरा करेगें तथा कांग्रेस स्मार्ट सिटी के नाम पर किये जा रहे पूरे कार्यों की वीडियो रिकॉर्डिंग करायेगी तथा इस मामले में लोकायुक्त और एसीबी में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में हो रहे घोटालों की तथ्यात्मक शिकायत दर्ज कराई जायेगी, क्योंकि यह 2600 करोड़ रूपया यदि जयपुर के गरीब, मध्यमवर्गीय व उच्च वर्ग के लोगों के लिये पानी व अन्य मूलभूत आवश्यकताओं के लिये खर्च किया जाता तो जयपुर की जनता को बड़ा लाभ होता अन्यथा 2600 करोड़ रुपए में तो एक नया सुन्दर और आधुनिक जयपुर बसाया जा सकता था।

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