अगस्त तक बीसलपुर के पानी का उचित यूटीलाइजेशन करेंगे, तब चलेगा काम

अगस्त तक बीसलपुर के पानी का उचित यूटीलाइजेशन करेंगे, तब चलेगा काम

-जलदाय व ऊर्जा मंत्री डॉ. बुलाकीदास कल्ला से साक्षात्कार

रोशनलाल शर्मा

जयपुर। तीन माह बाद गर्मी के मौसम में राज्य सरकार के लिए पानी और बिजली बड़ी चुनौती होगी। बिजली की उपलब्धता को तो मैनेज किया जा सकता है लेकिन पानी की उपलब्धता तो प्राकृतिक स्रोतों से ही होनी है और पिछले बारिश के सीजन में कम बारिश की वजह से प्राकृतिक स्रोतों में भी पानी कम है।

राजधानी जयपुर सहित करीब चार जिलों में पेयजल आपूर्ति के प्रमुख स्रोत बीसलपुर बांध इस बार रीता ही रहा है। बांध में अच्छी तादाद में पानी नहीं आया था और अब तो स्थितियां और विकट हो चुकी है। चुनाव से पहले बीसलपुर से पानी की सप्लाई में कटौती शुरू कर दी गई थी लेकिन उसे चुनाव देखते हुए वापिस ले लिया गया था। अब चुनाव समाप्त हो चुके हैं। ऐसे में बीसलपुर से पर्याप्त पानी मिलेगा इस पर भी संशय है।

पेयजल और बिजली की उपलब्धता की इस चुनौती से निपटने के लिए राज्य के जलदाय और ऊर्जा मंत्री डॉ.बुलाकीदास कल्ला अभी से ही जुट गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से फीडबैक ले लिया है और क्या किया जा सकता है, उस पर काम शुरू कर दिया है। डा. कल्ला कैसे इस चुनौती से निपटेंगे पर उनसे बात की गई-

सवाल-गर्मी आने वाली है और पानी की उपलब्धता कम है, सरकार इस चुनौती से कैसे निपटेगी

जवाब-हम गर्मियों में पेयजल उपलब्धता के लिए कंटीजैंसी प्लान बना रहे हैं। ये सही है कि बीसलपुर में पानी कम है लेकिन जितना पानी उपलब्ध है, उसका यूटिलाइजेशन योजनाबद्ध तरह से किया जाएगा। अगस्त तक बीसलपुर पानी का वितरण तरीके से करेंगे और अगस्त के बाद तो बारिश का मौसम शुरू होना ही है।

सवाल-बीसलपुर के अलावा और क्या व्यवस्था होगी

इसके अलावा गर्मियों को आमजन को पानी की दिक्कत न आए इसके लिए नए ट्यूबवैल खुदवाए जाएंगे। जिन इलाकों में बीसलपुर की सप्लाई नहीं है, वहां नए ट्यूबवैल खुदवाने को प्राथमिकता दी जाएगी। इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।

सवाल-बिजली कम्पनियों का घाटा सबसे बड़ी चुनौती, कैसे निपटेंगे

जवाब-अभी काम संभाला है और बिजली कम्पनियों को घाटे से उबारने के लिए अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।

सवाल-बिजली की कमी को कैसे पूरा किया जाएगा

जवाब-आम आदमी और किसान को बिजली की कमी नहीं होने दी जाएगी। छबड़ा की 5वीं और छठी युनिट का बिजली उत्पादन बढ़ाया जाएगा और बिजली उपलब्धता में सुधार किया जाएगा।

सवाल-किसानों को पूरी बिजली का वादा किया है

जवाब-चुनाव घोषणा में किए गए सभी वादों को पूरा करेंगे। इस पर काम शुरू हो गया है।

सवाल-छीजत कम करने की क्या योजना है

जवाब-बिजली की छीजत में कमी लाना भी हमारी प्राथमिकता में है। वर्तमान में बिजली की छीजत औसत 20 से 21 प्रतिशत है। यह 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। अत: इसे 15 प्रतिशत पर लाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

fact पेयजल की ये है स्थिति

जलदाय विभाग ने बीसलपुर से 30 लाख लीटर (प्रतिदिन) पेयजल सप्लाई कम कर रखी है। अब प्रतिदिन 350 एमएलडी की बजाय 320 एमएलडी पानी ही लिया जा रहा है। बीसलपुर की क्षमता 315 आरएल मीटर है। विभाग ने 279 नए ट्यूबवैल खुदाई की जरूरत जता रखी है। खुद अफसर मान रहे हैं। इधर जलदाय विभाग के सूत्रों का कहना है कि बारिश होगी तो पानी होगा। बारिश नहीं होगी तो न ट्यूबवैल में पानी होगा और न ही बीसलपुर में।

badikhabar advise सलाह

इसके अलावा जयपुर के रामगढ़ बांध के पानी के रास्ते में आ रहे अतिक्रमणों को खत्म करने की योजना पर काम हो तो आधे जयपुर की समस्या कम हो सकती है। इस पर जलदाय मंत्री डॉ. बुलाकीदास कल्ला को काम करना होगा।

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