फिर शुरू होगा ‘प्रशासन शहरों के संग अभियान -गहलोत सरकार की पहचान बना हुआ है अभियान

फिर शुरू होगा 'प्रशासन शहरों के संग अभियान  -गहलोत सरकार की पहचान बना हुआ है अभियान

-डीएलसी दरें कम कराने का भी होगा प्रस्ताव तैयार

जयपुर। अशोक गहलोत सरकार की पहचान बन चुका प्रशासन शहरों के संग अभियान एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। ये निर्णय बुधवार को नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के जिन शहरों में जहॉ मास्टर प्लान लागू हो चुका है। उनके जोनल प्लान निर्धारित अवधि में तैयार किये जायेंगे। प्रदेश के सभी वार्डो में वार्ड कमेटियों का गठन किया जायेगा। जो कि खुले में शौच मुक्त किये जाने की प्रक्रिया का सत्यापन करेंगे। सफाई कर्मचारियों की भर्ती के लिए जनसंख्या के आधार पर निर्णय लिया जायेगा एवं आवश्यकतानुसार भर्ती की जायेगी।

धारीवाल की अध्यक्षता में स्वायत्त शासन भवन के सभागार में स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी विभिन्न योजनाओं एवं नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति विषय पर किये जा रहे विचार-विमर्श के दौरान इस विषय पर विचार किया गया कि प्रदेश की जनता को शीघ्र राहत देने के लिए प्रशासन शहरों के संग अभियान का शुभारंभ पूर्व की भांति शिथिलता देते हुए किया जाये। अभियान कब शुरू होगा एवं क्या-क्या शिथिलताएं दी जाएंगी, इस पर निर्णय राज्य मंत्री मण्डल की बैठक में लिया जायेगा।

बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन, निदेशक एवं संयुक्त सचिव पवन अरोडा, कार्यकारी निदेशक रूडसिको मुनीष गर्ग, अतिरिक्त निदेशक मुकेश कुमार मीणा, मुख्य नगर नियोजक आर.के. विजयवर्गीय, मुख्य अभियन्ता भूपेन्द्र माथुर, परियोजना निदेशक (इन्फ्रा) रूडसिको एस.के. गोयल, उपनिदेशक (प्रशा.) विरेन्द्र सिंह, सचिव भर्ती आयोग अल्का मीणा, परियोजना निदेशक एस.आर.मीणा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। धारीवाल ने बताया कि पूर्व में प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान 11 लाख ले-आऊट प्लान नगरीय निकायों द्वारा स्वीकृत किये गये थे। परन्तु आदर्श आचार संहिता लगने के कारण 5 लाख लोगों को ही पट्टे दिये जा सके थे। इस दौरान नगरीय निकायों को लगभग 1800 करोड़ रुपए की आय हुई थी। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई थी। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा जमीनों की डीएलसी रेट में 40 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी है जिससे नगरीय निकाय जमीनें नहीं बेच पा रही है। ऐसे में इनकी स्थिति खराब हो रही है एवं विकास कार्य भी बन्द हो गए है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे जमीनों की डीएलसी रेट कम करवाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर मंत्री मण्डल की बैठक में रखवाएं।

स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए धारीवाल ने निर्देश दिये कि प्रदेश के सभी वार्डो में वार्ड कमेटियों का गठन किया जाये, जो वार्ड की खुले में शौच मुक्त किये जाने की प्रक्रिया का सत्यापन करेंगी। इन वार्ड कमेटियों में न तो कोई पार्षद होगा ना ही नगरीय निकाय का अधिकारी अपितु वार्ड कमेटी में सम्बन्धित वार्ड के 5 प्रबुद्ध नागरिक शामिल होंगे। यह कमेटी एक प्रकार से सोशल मॉनिटरिंग कमेटी के रूप में कार्य करेगी।

अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई होगी

धारीवाल ने नगरीय निकाय क्षेत्रों में अवैध होर्डिंग/यूनीपोल की बढ़ती समस्या को देखते हुए निर्देश दिये कि नगरीय निकाय क्षेत्रों से अवैध होर्डिंग/यूनीपोल तुरंत हटवाये जाये तथा शहरों में कुछ मार्गों को होर्डिंग/यूनीपोल फ्री रखा जाये। उन्होनें यह निर्देश भी दिये कि होर्डिंग/यूनीपोल से नगरीय निकायों को कितनी आय हो रही है। इसकी जानकारी भी मंगवायी जाये। धारीवाल ने अधिकारियों से सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1000 की जनसंख्या पर 4 सफाई कर्मचारी नियुक्त होने चाहिए। वर्तमान में इसका क्या अनुपात है। उन्होनें कहा कि शीघ्र ही सफाई कर्मचारियों की भर्ती के लिए जनसंख्या के आधार पर निर्णय लिया जायेगा एवं आवश्यकतानुसार भर्ती की जायेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *