सावधान कांग्रेस! मणिशंकर अय्यर हो गए हैं सक्रिय

सावधान कांग्रेस! मणिशंकर अय्यर हो गए हैं सक्रिय

रोशनलाल शर्मा

कांग्रेस सावधान हो जाए, उसके आत्मघाती दस्ते में शामिल मणिशंकर अय्यर सक्रिय हो गए हैं। गुजरात चुनाव से ठीक पहले पीएम नरेन्द्र मोदी को नीच बताकर कांग्रेस की लुटिया डुबो चुके मणिशंकर अय्यर फिर से सक्रिय हो गए हैं और उनके ताजे बयानों और क्रियाकलापों से वे कांग्रेस के लिए आत्मघाती दस्ते का काम रहे हैं।

ये कांग्रेस के खिलाफ कोई साजिश है या फिर संयोग। राजनीति के जानकार और मामूली सी समझ रखने वाला व्यक्ति भी इसे संयोग नहीं बताएगा। साजिश ही लगती है कि चुनाव के फाइनल राउंड के ठीक पहले अय्यर, शशि थरूर, कपिल सिब्बल और सैम पित्रौदा जैसे नेता सक्रिय होते हैं और अपनी बेलगाम जुबान से ऐसे-ऐसे बयान फैंकते हैं कि जनता कांग्रेस के खिलाफ खड़ी हो जाती है। गुजरात विधानसभा चुनाव के अन्तिम चरण से पहले मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी को नीच बताकर कांग्रेस की जीती हुई बाजी पलट दी थी। आप चुनाव परिणाम पर नजर डालेंगे तो पता चलेगा कि अय्यर के तत्कालीन बयान के पहले के चरणों में कांग्रेस बहुत तेजी से आगे बढ़ रही थी बल्कि गुजरात में जीत के करीब जा पहुंची थी और अय्यर के बयान के बाद के चरण में कांग्रेस बुरी तरह पिटी और वहां सरकार बनाने से महरूम हो गई। उस समय कांग्रेस से अय्यर को बाहर निकाल दिया था लेकिन न जाने क्यों फिर उन्हें शामिल कर लिया और अब लोकसभा चुनाव से पहले उसी प्रकार के बयान देकर अय्यर कांग्रेस को फिर से ठिकाने लगाने की तैयारी में है। ऐसा लगता है कि अय्यर और थरूर जैसे नेताओं ने भाजपा से कांग्रेस को निपटाने की सुपारी ले ली है।

सैम पित्रौदा ने इन्दिरा की हत्या के बाद सिख के संहार को लेकर हो गया जो हो गया का बयान दिया था जिसे भाजपा और स्वयं पीएम मोदी ने तुरन्त लपक लिया था। वह भी लोकसभा चुनाव में नुकसान कर सकता है। थरूर ने भी पंजाब, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के चुनाव से पहले अच्छा और बुरा हिन्दू वाला विवादित बयान दिया था। कपिल सिब्बल को लेकर तो अब खुद कांग्रेसजन ही कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। अय्यर ने मंगलवार को फिर एक बार आपा खो दिया। पत्रकारों ने उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सवाल पूछे थे। इस पर अय्यर नाराज हो गए। उन्होंने पत्रकार को घूंसा दिखाते हुए कहा कि मैं तुम्हें मार दूंगा। अय्यर ने मई 2017 में मोदी को नीच व्यक्ति करार दिया था। 14 मई को अय्यर ने कहा कि मैं अब अपने उस बयान पर कायम हूं। इस पर बहस करने की मेरी कोई इच्छा नहीं है।

जिस तरह बंदर अपने मृत बच्चों के शव को अपने से चिपकाए घूमता है, कांग्रेस भी इन नेताओं को अपने साथ वैसे ही चिपकाए घूम रही है। जो उसकी सेहत के लिए किसी भी सूरत में अच्छा नहीं है।

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