भाजपा विधायक आहूजा ने गृहमंत्री को घेरा: पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाओगे या नहीं

भाजपा विधायक आहूजा ने गृहमंत्री को घेरा: पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाओगे या नहीं

विधानसभा संवाददाता

जयपुर। सदन में बुधवार को गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को भाजपा के विधायक ज्ञ्ज्ञानदेव आहूजा के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। जब आहूजा ने पुलिस में भ्रष्टाचार को लेकर प्रश्नकाल में पूरक प्रश्न पूछे तो सरकार की स्थिति असहज हो गई।

प्रश्नकाल में उन्होंने कहा कि छोटी मछलियों पर हाथ डाला जा रहा है, मगरमच्छों पर क्यों नही? उन्होंने अलवर के पुलिस अधीक्षक पर सीधे आरोप लगाया कि वे हर थाने से 15-15 लाख रुपए मंथली वसूल करते हैं। उन्होंने एसपी को भ्रष्टाचारी, अनाचारी और दुराचारी तक कह डाला और सरकार पर आरोप लगाया कि मैने गृहमंत्री, डीजी और आईजी से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। विपक्ष ने उनके आरोपों को हाथों-हाथ लेते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। आरोपों से घिरे गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने पलटवार करते हुए अलवर एसपी को क्लीन चिट लेते हुए कहा कि मैं चार दिन अलवर रहा, वहां की कानून एवं व्यवस्था की स्थिति सबसे बेहतर है, वहां का अफसर काबिल है। इस दौरान सदन में शोरगुल होता रहा। मामला प्रदेश में बीते चार साल में पुलिस कर्मियों के भ्रष्टाचार से संबंधित था।

आईपीएस, आरपीएस के खिलाफ क्या कार्रवाई

आहूजा ने गृहमंत्री के जवाब के बाद आंकड़ों को लेकर गड़बड़ी बात करते हुए जानना चाहा कि जवाब में कांस्टेबल से लेकर सीआई का जिक्र है, क्या किसी आईपीएस ने भ्रष्टाचार नहीं किया। छोटे कर्मचारी तब तक भ्रष्टाचार नहीं करते जब तक की अधिकारी भ्रष्ट नहीं हो।

हल्ला करने से नहीं करूंगा कार्रवाई

अपनी ही पार्टी के सदस्य के आरोपों और विपक्ष की मांग को दरकिनार करते हुए गृहमंत्री कटारिया ने साफ कर दिया कि हल्ला करने से दोषी करार दे दें तो मेरे पद की गरिमा के खिलाफ होगा। बिना जांच किसी अफसर को सजा नहीं दूंगा चाहे आप कहो या विपक्ष।

उपमुख्य सचेतक क्या लड्डु लेने गए थे

आहूजा के आरोप लगाने के बाद सरकारी उपमुख्य सचेतक मदन राठौड़ उनके पास पहुंच कर कुछ कहने लगे तो प्रतिपक्ष के सचेतक गोङ्क्षबंदसिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि आहुजा को धमकाया जा रहा है, यह सदन का अपमान है। इस पर राठोड़ ने कहा कि मैंने नहीं धमकाया को डोटासरा ने कहा कि फिर वहां लड्डू लेने गए थे क्या?

चार साल में 275 प्रकरण दर्ज

इससे पहले गृह मंत्री कटारिया ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के प्रकरणों में पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने विगत चार वर्ष में पुलिस कार्मिकों के विरूद्ध रिश्वत के 275 प्रकरण दर्ज किए। दर्ज 275 प्रकरणों में से 171 प्रकरणों में 200 अधिकारियों-कार्मिकों को गिर तार किया गया। 155 प्रकरणों में चालान और 6 प्रकरणों में अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। 114 प्रकरण अनुसंधान की विभिन्न प्रक्रियाओं में लम्बित है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में कांस्टेबल से उप निरीक्षक स्तर के 202 अधिकारियों-कार्मिकों और निरीक्षक से पुलिस अधीक्षक स्तर तक के 73 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। तीन पुलिस अधीक्षकों की गिरफ्तारी हुई और जेल में रहे।

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