अभिभाषण पर बहस: किसान की अनदेखी छोड़ दो अब भी समय है: डूडी

अभिभाषण पर बहस: किसान की अनदेखी छोड़ दो अब भी समय है: डूडी

विधानसभा संवाददाता

जयपुर। राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के अनितम दिन मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे से ठीक पहले बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी सरकार पर जमकर हमला किया। रामेश्वर डूडी ने किसानों की मौत, बेरोजगारी सड़कों के मुद्दों पर राजे सरकार को जमकर घेरा। डूडी ने कहा कि इस सरकार में 80 किसानों ने आत्महत्या की है। जब तक प्रदेश का किसान सशक्त नहीं होगा तो प्रदेश का विकास नहीं हो सकता है।
उन्होंने सदन में कहा कि किसानों की एमएसपी सरकार ने तय की और उसकी खरीद नहीं की। किसान की मुंगफली को खरीदा नहीं और 25 क्विंटल का राइडर लगा दिया। आज किसान मर रहा है उसे खाद और बीज नहीं मिल रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि सुराज संकल्प में किये 611 में से कितने वादे सरकार ने निभाए। डूडी ने सदन में सबके सामने कहा कि हम चैलेंज के साथ कह सकते हैं कि 30 प्रतिशत से ज्यादा वादे नहीं निभाए गए।

डूडी ने कहा कि सरकार ने किसानों की मांगों को लेकर समझौता किया। कर्जमाफी के लिए कमेटी बनाई लेकिन कर्जमाफी नहीं हो पाई। सरकार बिजली निजी हाथों में दे रही है। रोडवेज भी सरकार से नहीं चल पा रहा है। अगर सारा काम ही पीपीपी मोड पर होगा तो विभागों को बंद कर दिया जाए। जनता की विधायक नहीं सुन रहें तो विधायक की मंत्री नहीं सुन रहें, मंत्रीकी सीएम नहीं सुन रहीं हैं और तो और मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री भी नहीं सुन रहें हैं। भाजपा ने चार साल में जनता के साथ कुठाराघात किया। प्रदेश में जिंदा लोगों की पेंशन काटने का काम किया। दुकानों में 50 प्रतिशत ही राशन जा रहा है, गरीब इंतजार कर रहे हैं लेकिन राशन नहीं है। भामाशाह भ्रष्टाचार की स्कीम है।
600 दवाई हम दे रहे थे और ये घटाकर आज 40 दे रहे हैं। गायों की स्थिति भी प्रदेश में ठीक नहीं है लेकिन सरकार धार्मिक प्रतीकों का सहारा लेकर राजनीति कर रही है।

योजनाओं का क्रियान्वयन होता तो तीन सीटें नहीं हारते: सुराणा

बहस में भाग लेते हुए वरिष्ठ विधायक माणकचंद सुराणा ने कहा कि यहां योजनाओं के क्रियान्वयन की बात हो रही है लेकिन क्या अलवर, अजमेर और मांडलगढ़ में योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो रहा था। 17 मंत्री और 17 विधायकों की जिम्मेदारी थी। आपको ये देखना होगा कि आप जनहितैषी बनें या नहीं। मेरे क्षेत्र में पटवारी ने बिना मौके पर गए गिरदावरी कर दी। देश आजादी के 70 साल बाद भी गलत गिरदावरी का शिकार हो रहा है। रबी की फसल के समर्थन में मूल्य में थोड़ी सी बढ़ोतरी करके केन्द्र सरकार कहती है डेढ गुणा बढ़ोतरी कर दी लेकिन ये किसान की लागत से डेढ़ गुणा है। किसान और उसके परिवार की लेबर को जोड़कर समर्थन मूल्य की घोषणा की जानी चाहिए।

सत्ता में कोई भी हो जनता को तो भुगतना ही है:श्रवण्र
कांग्रेस विधायक श्रवणकुमार ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर अभिभाषण पर हुई बहस में भाग लेते हुए कहा कि भाजपा हो या कांग्रेस जनता के बारे में किसी ने नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि कुसी पर राम बैठे हो या रावण, सीता(जनता) को तो अग्नि परीक्षा देनी ही है। कौरव बैठे हों या पाण्डव द्रोपदी(जनता) का तो चीर हरण होना ही है। करोड़ों रुपए खर्च कर दिए लेकिन जल स्वावलम्बन में एक धेले का भी काम नहीं हुआ। दुर्भाग्य की बात है कि विद्याधर नगर में हुए अग्निकांड में शोकसभा के समय मरने वाले बच्चों के ताऊ का कहना था कि एम्बूलेंस में गैस नहीं थी और फायर बिग्रेड में पानी नहीं था। 67 साल बाद भी देश में एईएन, एक्सइएन और एसई का कमीशन प्रतिशत बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जनता की अनदेखी के चलते कांगे्रस 153 से 53 पर आ गई थी और आप 160 से 23 भी नहीं रहोगे।

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